शिमला, मंडी, जागरण टीम। Himachal Heli Taxi, हिमाचल प्रदेश उड़ान योजना के तहत हेली टैक्‍सी सेवा शुरू हाे गई है। शिमला में मुख्‍यमंत्री जयराम ठाकुर की ओर से इसका शुभारंभ किया जाना था। लेकिन यहां कोई कार्यक्रम नहीं हुआ। बीते कल हेलीकाप्‍टर क्रैश होने से सीडीएस बिप‍िन रावत के निधन के कारण सरकार ने कोई कार्यक्रम नहीं किया। दिल्ली से केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शिमला से हेली टैक्सी सेवा को हरी झंडी दिखानी थी। लेकिन सभी कार्यक्रम स्‍थगित कर दिए गए।

उड़ान योजना के अंतर्गत मंडी के कांगनी हेलीपोर्ट पर पहली बार सवारियों को लेकर हेलीकाप्‍टर पहुंचा। मंडी से धर्मशाला के लिए हेलीटैक्सी से दो यात्री रवाना हुए। शिमला से वन मंत्री राकेश पठानिया साथ में आए। कांगनी हेलीपोर्ट पर उन्होंने धर्मशाला जाने वाले दोनों यात्रियों का स्वागत किया। मंडी और रामपुर में हेलीपोर्ट तैयार हो गए हैं और यहां से केंद्र सरकार की उड़ान-दो योजना के तहत हेलीटैक्सी सेवा आज शुरू हो गई।

संजौली हेलीपोर्ट को डीजीसीए से फिलहाल स्वीकृति नहीं मिली है। ऐसे में हेलिकाप्टर ने संजौली हेलीपोर्ट के बजाय जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डा से मंडी के लिए उड़ान भरी। मंडी से धर्मशाला, धर्मशाला-मंडी, मंडी-शिमला, शिमला-रामपुर और फिर शिमला से चंडीगढ़ के लिए हेलिकाप्टर उड़ान भरेगा। मंडी व रामपुर से धर्मशाला, शिमला व चंडीगढ़ के लिए उड़ान-दो के तहत हेली टैक्सी सेवा शुरू होने से राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

पर्यटन विभाग के निदेशक अमित कश्यप ने बताया कि शिमला के संजौली हेलीपोर्ट को लेकर डीजीसीए चाहता है कि टीम आकर जांच करेगी। डीजीसीए की ओर से कुछ कार्य सुझाए गए थे, जिन्हें पूरा कर लिया गया है। अब जल्‍द ही अनुमति मिलने की उम्‍मीद है।

मंडी से धर्मशाला के लिए हेली टैक्‍सी में सफर करने वाली सनयारड़ी की तनुजा शर्मा और थाना की दया शर्मा का कहना था कि वे पहली बार हवाई यात्रा कर रही हैं, इसलिए बहुत उत्सुक भी हैं। उन्होंने हवाई यात्रा को आम लोगों की पहुंच में लाने और हेलीटैक्सी की बड़ी सुविधा के लिए प्रदेश सरकार का आभार जताया। तनुजा ने कहा इससे लोगों के बहुमूल्य समय की बचत होगी। मंडी से धर्मशाला जाने में उन्हें छह घंटे लगते थे, अब वे महज आधे  घंटे   में वहां पहुंच सकती हैं।

यह भी पढ़ें: हिमाचल में पवन हंस की हेलीटैक्‍सी सेवा शुरू, यह रहेगा रूट व किराया

Edited By: Rajesh Kumar Sharma