ज्वालामुखी (सपड़ी),  पंकज सोनी। भाजपा ज्वालामुखी में मतभेदों की रार रविवार को खुलकर सामने आई। मौका था मंडलाध्यक्ष चुनाव का। दिनभर तीन स्थानों पर बैठकें होने के बावजूद अध्यक्ष पद के लिए सहमति नहीं बन पाई। स्थानीय विधायक ने रविवार देर शाम अध्यक्ष पद के लिए तीन नाम प्रस्तावित करते हुए चुनावी प्रक्रिया सोमवार के लिए टाल दी है। 102 बूथों वाले ज्वालामुखी भाजपा मंडल के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव रविवार को गीता भवन ज्वालामुखी में स्थानीय विधायक की अध्यक्षता में चुनाव प्रभारी विनय शर्मा के नेतृत्व में होना तय हुआ थे। तय समय के अनुसार रमेश धवाला व 64 बूथों के अध्यक्ष तो वहां पहुंच गए, लेकिन चुनाव प्रभारी नहीं पहुंचे। चुनाव प्रभारी अन्य अध्यक्षों के साथ खुंडियां में रणनीति बनाने बैठ गए।

विश्रामगृह खुंडियां में प्रभारी विनय शर्मा, अभिषेक पाधा, सूक्ष्म सूद, सुनील राणा, पृथ्वी चंद, राजेंद्र राणा आदि भाजपा पदाधिकारियों ने अपने साथ 50 बूथ अध्यक्ष होने का दावा किया, जबकि गीता भवन ज्वालामुखी में विधायक रमेश धवाला, प्रभारी विनय शर्मा का पूरा दिन इंतजार करते रहे। धवाला के साथ मंडल कार्यकारिणी व भाजपा पदाधिकारियों के अनुसार उनके साथ कुल 102 में से 88 बूथ अध्यक्ष बैठक में शामिल हुए। लंबे समय तक एक-दूसरे का इंतजार करने के बाद अंत में दोनों का संपर्क हुआ। इसके बाद दोनों गुटों ने रानीताल में बैठक और चुनावी प्रक्रिया पूर्ण करवाने का निर्णय लिया।

रानीताल में हुई बैठक में रमेश धवाला ने अध्यक्ष पद के लिए तीन नाम प्रस्तावित किए, जिस पर दूसरे धड़े के बूथ अध्यक्ष ने आपत्ति जताई। लंबे समय तक चले विवाद के बाद चुनावी प्रक्रिया सोमवार के लिए टालनी पड़ी।

यहां बता दें कि धवाला के खिलाफ कुछ समय पूर्व खुंडियां चंगर क्षेत्र के कुछ भाजपा पदाधिकारी अपनी अनदेखी व इलाके की समस्याओं को लेकर शिमला मुख्यमंत्री से मिलने गए थे, जिस पर ज्वालामुखी मंडल अध्यक्ष ने इन पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की थी।

मंडल अध्यक्ष चुनाव को लेकर अभी तक कोई निर्णय नहीं हुआ। चुनाव प्रक्रिया अभी तक जारी है। सोमवार को मंडल अध्यक्ष का नाम घोषित हो पाएगा। -विनय शर्मा, चुनाव प्रभारी, मंडल भाजपा ज्वालामुखी।

Posted By: Rajesh Sharma

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