जागरण टीम, शिमला/मंडी। Poisonous Liquor in Himachal, जहरीली शराब मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआइटी) ने मुख्य सरगना व सुबूतों की तलाश में शुक्रवार को पंजाब, हरियाणा व दिल्ली में कई जगह दबिश दी। हालांकि कोई अहम साक्ष्य हाथ नहीं लग पाया है। पंजाब, हरियाणा व दिल्ली के अलावा जहरीली शराब मामले के तार ऊना, बद्दी व कांगड़ा जिले से जुड़े बताए जा रहे हैं। संबंधित जिलों के अधिकारियों को जांच में मदद करने के आदेश दिए गए हैं।

ऊना, बद्दी व कांगड़ा में इथेनाल तैयार करने की डिस्टलरी है। इथेनाल अंग्रेजी व देसी शराब तैयार करने के काम आता है। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने शुक्रवार को शिमला लौटने से पहले एसआइटी के अधिकारियों के साथ मंडी में बैठक कर आरोपितों की धरपकड़ व साक्ष्य जुटाने केे लिए अभियान तेज करने के निर्देश दिए। सर्च टीम ने सलापड़ व कांगू पंचायत पहुंच कर मौके से कई साक्ष्य जुटाए। कई संदिग्ध सामग्री कब्जे में ली गई। कई लोगों के बयान दर्ज किए गए। मुख्य सरगना की धरपकड़ के लिए कई टीमों का गठन किया गया है।

मेथेनाल की वजह से हुई सात लोगों की मौत

पुलिस रिमांड पर चल रहे चारों आरोपितों से मुख्य सरगना व पूरे खेल को लेकर पूछताछ की गई। मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मेथेनाल से सात लोगों की मौत होने की बात सामने आई है। सात लोगों की मौत के बाद भी सुंदरनगर में नकली शराब की तस्करी नहीं रुक पाई है। सुंदरनगर के शहीद नरेश चौक से पुलिस को संतरा ब्रांड की नकली शराब की चार बोतल मिली हैं।

चार और मामले सामने आए

सुंदरनगर उपमंडल की सलापड़ व कांगू पंचायत से जहरीली शराब से पीडि़त लोगों के सामने आने का सिलसिला थम नहीं रहा है। शुक्रवार को चार और मामले सामने आए हैं। इनमें लेखराम पुत्र जगत राम, बालकृष्ण पुत्र जिंदू, नागराज पुत्र मोहन लाल निवासी कांगू व बीरबल पुत्र सुखराम (सलापड़) शामिल हैं। चारों पीडि़तों को नेरचौक मेडिकल कालेज में भर्ती करवाया गया है। अब तक 19 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें सात लोगों की मौत हो चुकी है। दो लोग पीजीआइ चंडीगढ़ में जिंदगी व मौत से जंग लड़ रहे हैं। नेरचौक मेडिकल कालेज में 10 लोग उपचाराधीन हैं।

मृतकों के स्वजन को प्रशासन चेक सौंपेगा

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मेथेनाल से मौत होने की बात सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने मृतकों के स्वजन को 3.50-3.50 लाख रुपये के चेक सौंपने की तैयारी कर ली है। एसडीएम सुंदरनगर ने उपायुक्त को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। प्रशासन की तरफ से 50-50 हजार की राहत राशि नकद दी गई थी। चार-चार लाख रुपये सरकार की तरफ से मिलेंगे। प्रशासन केस बनाकर शिमला भेज रहा है। मृतकों के स्वजन को आठ-आठ लाख रुपये आर्थिक सहायता मिलेगी।

मुख्य सरगना व सुबूत जुटाने के लिए पंजाब, हरियाणा व दिल्ली में कई जगह दबिश दी गई है। इस मामले में संलिप्त किसी भी आरोपित को बख्शा नहीं जाएगा।

संजय कुंडू, पुलिस महानिदेशक, हिमाचल

सात लोगों की मौत के बाद भी देशी शराब की सप्लाई धड़ल्ले से जारी

सुंदरनगर उपमंडल में जहरीली शराब पीने से सात लोगों की मौत के बाद भी देशी शराब वीआरवी फूल्स मार्का की सप्लाई धड़ल्ले से जारी है। शहर के नरेश चौक स्थित वर्षाशालिका में इसी मार्का की देशी शराब की चार बोतल बरामद हुई हैं। इनमें से तीन बोतल खाली और एक बोतल में कुछ शराब बची हुई थी। शिकायत मिलने पर जब पुलिस मौके पर पहुंची तो बची हुई शराब किसी अज्ञात व्यक्ति ने पी ली थी।

पुलिस ने शराब की खाली बोतलों को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। शुक्रवार को नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड 10 चांगर में नरेश चौक के पास वीआरवी फूल्स लेबल देशी शराब की चार बोतल बरामद हुईं। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह वही शराब है जिसके कथित सेवन से सलापड़, कांगू और धवाल क्षेत्र में सात लोगों की मौत हो चुकी है। इस शराब की यह खेप ग्रामीण क्षेत्रों के साथ सुंदरनगर में भेजी गई है। यही कारण है कि इतने बड़े हादसे के बाद भी सुंदरनगर में इस मार्का की शराब की सप्लाई बिना किसी भय से अभी तक बेरोकटोक जारी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में कई लोग ऐसे हैं जो अब भी शराब की अवैध रूप से सप्लाई डोर-टू-डोर कर रहे हैं। शराब के ठेकों पर शराब की कीमत बोतल पर अंकित कीमत से अधिक वसूली जाती है। वहीं, अवैध धंधे में लोगों के माध्यम से शराब बेहद कम कीमत में घर बैठे ही मुहैया करवा दी जाती है।

इस मामले की जानकारी मिली है। पुलिस को कार्रवाई के लिए भेजा गया था। क्षेत्र की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जाएगी। पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि शराब किस व्यक्ति ने किसे बेची थी।

-धर्मेश रामोत्रा, एसडीएम सुंदरनगर

Edited By: Virender Kumar