संवाद सहयोगी, कांगड़ा : अष्टमी पर श्री बज्रेश्वरी देवी मंदिर के हवन कुंड में कूदने वाले उत्तर प्रदेश के निवासी बुजुर्ग मनफूल सिंह की हालत में सुधार है। पुलिस को दिए बयान में उसने कहा कि मां बज्रेश्वरी के प्रति उसकी गहरी आस्था है। इस कारण वह 32 वर्ष से मां दरबार में आ रहा है।

मनफूल ने बताया कि उसका मां बज्रेश्वरी की ओर ध्यान था, हवन कुंड में कैसे गिरा, पता नहीं चला। पुलिस इसे घटना मान रही है और अभी तक मामला दर्ज नहीं किया है। मनफूल जिन लोगों के साथ आया था वे भी टांडा में हैं। बुजुर्ग के स्वजन भी उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से वीरवार दोपहर टांडा पहुंच गए थे। श्री पाल ने बताया कि उनके पिता मां बज्रेश्वरी के प्रति गहरी आस्था होने के कारण हर वर्ष उनके पिता यहां आते हैं। मां बज्रेश्वरी की कृपा है कि उनकी जान बच गई। पिता की सेहत में सुधार होने के बाद उन्हें घर ले जाएंगे। दिल्ली से आए श्रद्धालुओं ने बताया कि श्रद्धालु जय माता दी बोलते हुए हवन कुंड में गिर गया और जय माता दी, जय ज्वालामुखी, जय भवानी कहता रहा। उन्होने बताया कि कुछ समय के लिए हवन कुंड के बाहर बैठे पुजारियों ने उसे बाहर निकाला।

हवन कुंड के पास जाने पर प्रतिबंध

मंदिर सहायक आयुक्त एवं एसडीएम अभिषेक वर्मा ने बताया कि घटना के बाद प्रशासन ने मां श्री बज्रेश्वरी देवी के हवन कुंड में श्रद्धालुओं के जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। हवन कुंड के पास सुरक्षा कर्मी तैनात कर दिए हैं।

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