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करवाचौथ से पहले पत्नी को पति का किडनी गिफ्ट, बचा ली जीवनसाथी की जान; हिमाचल के टांडा अस्पताल में ट्रांसप्लांट

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sat, 24 Oct 2026 02:38 PM (IST)Updated: Sat, 24 Oct 2026 03:21 PM (IST)

करवाचौथ से पहले एक पति ने अपनी पत्नी को किडनी दान कर नया जीवन दिया, यह सफल ट्रांसप्लांट टांडा अस्पताल ...और पढ़ें

टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट हुआ। (फोटो एआई की मदद से बनाई है)

टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट हुआ। (फोटो एआई की मदद से बनाई है)

HighLights

  1. पति ने पत्नी को किडनी दान कर बचाया जीवन।

  2. टांडा अस्पताल में एक माह में दो सफल ट्रांसप्लांट।

  3. बड़ी बहन ने छोटी बहन को किडनी देकर जान बचाई।

जागरण संवाददाता, टांडा (कांगड़ा)। करवाचौथ पर्व के लिए अभी कुछ दिन शेष हैं। सुहागिनें पति की लंबी आयु के लिए व्रत करेंगी और उन्हें गिफ्ट भी मिलेगा, लेकिन हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी के इस दंपती की कहानी कुछ अलग है। पत्नी किडनी की बीमारी से जूझ रही थी तो पति ने किडनी देकर उनकी जिंदगी बचा ली। डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज एवं अस्पताल कांगड़ा स्थित टांडा के किडनी ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ डा. अमित शर्मा व नेफ्रोलाजी विशेषज्ञ डा. अभिनव राणा ने टीम के सहयोग से किडनी ट्रांसप्लांट किया। स्वास्थ्य में सुधार होने पर दंपती को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है।

ज्वालामुखी की रहने वाली 58 वर्षीय महिला आटोइम्यून बीमारी से पीड़ित थी यानी शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा रही थी। नेफ्रोलाजी विभाग में उनका उपचार चल रहा था।

विशेषज्ञों ने किडनी की कार्यक्षमता बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन बीमारी के कारण किडनी ने काम करना बंद कर दिया था। उन्हें बचाने का एकमात्र उपाय किडनी ट्रांसप्लांट था। 

डॉक्टर बेटी ने समझाए

दंपती की बेटी डाक्टर हैं तो उन्होंने भी माता-पिता को किडनी ट्रांसप्लांट के बारे में समझाया और चिकित्सकों से चर्चा की। इसके बाद विशेषज्ञों ने दोनों की विस्तृत जांच कर टांसप्लांट किया। 

टांडा में 29 किडनी ट्रांसप्लांट

टांडा मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में अब तक 29 किडनी ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं। किडनी की बीमारी से पीड़ित रोगियों को टांडा मेडिकल कालेज में लगातार राहत पहुंचाई जा रही है। विशेषज्ञों ने एक माह में दो किडनी ट्रांसप्लांट किए हैं।

बड़ी बहन ने छोटी को दी किडनी

टांडा मेडिकल कालेज एवं अस्पताल के विशेषज्ञों ने किडनी ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में एक और उपलब्धि हासिल की है। किडनी की बीमारी से जूझ रही छोटी बहन को बड़ी ने किडनी देकर जान बचा ली। चंबा जिला के चुराह के लटरूंड गांव की निवासी 28 वर्षीय महिला किडनी की बीमारी से जूझ रही थीं और डायलिसिस पर थीं। उनकी जान बचाने के लिए किडनी ट्रांसप्लांट करना जरूरी था। ऐसी स्थिति में बड़ी बहन ने उसे किडनी देने का निर्णय लिया। यह किडनी ट्रांसप्लांट सोमवार को किया गया। अभी दोनों विशेषज्ञों की निगरानी में हैं। 

आर्थिक रूप से कमजोर इस परिवार की मदद चंबा जिले के सामाजिक संगठनों ने की। इसके बाद यह ट्रांसप्लांट संभव हो पाया। नेफ्रोलाजी विशेष डा. अभिनव राणा के मुताबिक, पहली बार ऐसे दो मामले सामने आए हैं, जिसमें बड़ी बहन ने छोड़ी और पति ने पत्नी की जान बचाने के लिए किडनी दी है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के आशीर्वाद और मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. मिलाप शर्मा के सहयोग से एक माह में दो सफल किडनी ट्रांसप्लांट कर पाए हैं।

ये रहे टीम में शामिल

किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी विभाग से डा. अमित शर्मा, डा. कुशल कुमार व डा. हर्षिका चौधरी, नेफ्रोलाजी विभाग से डा. अभिनव राणा, डा. दिव्यम के शर्मा, डा. साक्षी कपूर, एनेस्थीसिया विभाग से डा. अनिता शर्मा, डा. अमन ठाकुर, ट्रांसप्लांट कोआर्डिनेटर नीरज जम्वाल व पूनम ठाकुर, ओटी टेक्नीशियन व ओटी नर्सिंग स्टाफ।

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