धर्मशाला, मुनीष गारिया। हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन को पिछले एक साल से हर रोज करीब 35-40 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। इसकी वजह कुछ और नहीं, बल्कि कोरोना काल के कारण बंद पड़ा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला है। धर्मशाला स्टेडियम कोरोना महामारी के चलते मार्च 2020 से ही पर्यटकों के लिए बंद कर दिया है।

धौलाधार की तलहली में बनाया गया धर्मशाला स्टेडियम विश्व के सबसे खूबसूरत स्टेडियमों में शुमार है। इस जो भी टीम यहां मैच खेलने पहुंचती है वो इसकी खूबसूरती का बखान जरूर करती है। इसी वजह से वर्ष भी यहां पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है। धर्मशाला स्टेडियम भारत का एकमात्र स्टेडियम है, जिसे पर्यटकों के लिए खुला रखा गया है। स्टेडियम का एक स्टैंड एचपीसीए ने खुला रखा है, ताकि पर्यटक यहां की खूबसूरती का आनद ले सकें। इसकी एवज में एचपीसीए प्रशासन ने प्रति व्यक्ति मात्र 30 रुपये टिकट रखी है। स्टेडियम को देखने के लिए हर रोज कम से कम 1500 से 2000 लोग आते ही हैं। इससे एचपीसीए को बिना कोई निवेश किए हर रोज 35 से 40 हजार रुपये नियमित कमाई हो रही थी।

कोरोना महामारी शुरू होने के बाद ही एचपीसीए प्रशासन ने स्टेडियम पर्यटकों के लिए बंद कर दिया है। हालांकि अब केंद्र व प्रदेश. सरकारों से सब कुछ खोल दिया है, लेकिन एचपीसीए ने बीसीसीआइ व सरकार के नियमों की पालना करते हुए स्टेडियम पर्यटकों के लिए नहीं खोला है। एचपीसीए ने लोगों व खिलाड़ियों की सुरक्षा को देखते हुए अपनी एसओपी बनाई है, जिसके प्रारंभिक चरण में अभी स्टेडियम खोलने की व्यवस्था नहीं है। इससे एचपीसीए को हर रोज 35 से 40 हजार रुपये नुकसान हो रहा है।

उधर एचपीसीए सचिव सुमित शर्मा ने बताया स्टेडियम बंद होने से नुकसान तो हो रहा है, लेकिन हमारे लिए जनता के सुरक्षा पहले है। बीसीसीआइ के स्वीकृति व नियमों के अनुसार ही स्टेडियम पर्यटकों के लिए खोला जाएगा। अब सब कुछ खोला जा रहा है तो स्टेडियम को भी नियमों के अनुसार खोला जाएगा।

Edited By: Richa Rana