हिमाचल में 1012 पूर्व पंचायत प्रधानों की संपत्ति कुर्क कर नीलामी की तैयारी, 5.12 करोड़ रुपये की रिकवरी पेंडिंग
हिमाचल पंचायतीराज विभाग ने पूर्व पंचायत प्रधानों से सरकारी धन की लंबित 5.12 करोड़ रुपये की वसूली के लिए सख्त ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में पंचायत के पूर्व प्रधानों से रिकवरी राशि वसूलने के लिए उनकी प्रॉपर्टी कुर्क व नीलाम की जाएगी। (फाेटो एआई से बनाया है)
HighLights
पूर्व पंचायत प्रधानों से 5.12 करोड़ रुपये की वसूली लंबित।
सरकारी धन की वसूली के लिए संपत्ति कुर्क होगी।
कांगड़ा में 68 पूर्व प्रधानों से 1.33 करोड़ बकाया।
साहिल ठाकुर, जसवां परागपुर (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज विभाग ने सरकारी धन की लंबित रिकवरी मामले में पूर्व पंचायत प्रधानों पर शिकंजा कस दिया है। ऑडिट रिकवरी की राशि जमा न करवाने वाले पूर्व प्रधानों के खिलाफ संपत्ति कुर्क कर नीलामी तक की कार्रवाई की जा सकती है। विभाग ने सभी जिला पंचायत अधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को लंबित मामलों में तेजी लाने और नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
पंचायतों के विकास कार्यों पर खर्च होगी रकम
विभाग के निदेशक एवं विशेष सचिव राघव शर्मा की ओर से जारी पत्र में विधानसभा की ग्रामीण योजना समिति के 22वें प्रतिवेदन का हवाला देते हुए कहा गया है कि पूर्व प्रधानों से संबंधित मामलों में पांच करोड़ 12 लाख सात हजार 676 रुपये की वसूली अभी लंबित है। समिति ने पूर्व प्रधानों की संपत्ति कुर्क कर नीलामी करने और इससे प्राप्त राशि को पंचायतों के विकास कार्यों में लगाने की सिफारिश की है।
701 से हुई वसूली
प्रदेश में 701 पूर्व प्रधानों से 76 लाख नौ हजार 664 रुपये की वसूली हो चुकी है। वहीं 1012 पूर्व प्रधानों से 5.12 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अभी वसूल की जानी है। सिरमौर में 257 पूर्व प्रधानों से 1.76 करोड़, कांगड़ा में 68 से 1.33 करोड़ और मंडी में 323 से 1.25 करोड़ रुपये की वसूली लंबित है।
कांगड़ा में 68 पूर्व प्रधानों से 1.33 करोड़ बकाया
कांगड़ा जिले में भी रिकवरी प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जिला प्रशासन के अनुसार विभिन्न विकास खंडों में 68 पूर्व प्रधानों से करीब 1.33 करोड़ रुपये की वसूली की जानी है। वहीं 83 पूर्व प्रधानों से 10.43 लाख रुपये की राशि वसूल की जा चुकी है। संबंधित पूर्व प्रधानों को नोटिस जारी किए गए हैं। नूरपुर खंड में 14 पूर्व प्रधानों से 3.32 लाख, रैत में पांच से 1.61 लाख, पालमपुर में दो से 1.64 लाख और नगरोटा सूरियां में छह पूर्व प्रधानों से 1.44 लाख रुपये की वसूली लंबित है।
इंदौरा में चार पूर्व प्रधानों से 1.11 लाख तथा नगरोटा बगवां में नौ से 1.15 लाख रुपये वसूल किए जाने हैं। अन्य विकास खंडों में भी रिकवरी के मामले लंबित हैं। पंचायती राज विभाग के अतिरिक्त निदेशक केवल शर्मा ने बताया कि सभी जिला पंचायत अधिकारियों और बीडीओ को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
लंबित राशि वाले पूर्व प्रधानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। तय समय में राशि जमा न होने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
-सचिन ठाकुर, जिला पंचायत अधिकारी, कांगड़ा।
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