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VB-G RAM G में पंचायतें सामग्री खरीदने से पहले पढ़ लें नए निर्देश, हिमाचल में अग्रिम भुगतान पर लगाई पूर्णतया रोक

By Rajinder Dogra Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sun, 20 Sep 2026 05:10 PM (IST)

ग्रामीण विकास विभाग ने वीबीजी रामजी योजना के तहत सामग्री खरीद और भुगतान के लिए सख्त नए दिशा-निर्देश जारी किए ...और पढ़ें

हिमाचल में वीबी जीरामजी योजना को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं। प्रतीकात्मक फोटो

हिमाचल में वीबी जीरामजी योजना को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. अग्रिम भुगतान पर पूर्ण प्रतिबंध, केवल सीमेंट अपवाद।

  2. सामग्री खरीद और भुगतान के लिए सख्त जवाबदेही।

  3. मजदूरी-सामग्री का 60:40 अनुपात सभी कार्यों में अनिवार्य।

संवाद सहयोगी, जसवां परागपुर (कांगड़ा)। ग्रामीण विकास विभाग ने वीबीजी रामजी योजना के तहत सामग्री खरीद और भुगतान को लेकर सख्त हिदायतें जारी की हैं। ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक एवं आयुक्त वीबीजी रामजी राघव शर्मा ने इस संबंध में प्रदेश के सभी उपायुक्तों, अतिरिक्त उपायुक्तों एवं अतिरिक्त जिला दंडाधिकारियों, समस्त जिला विकास अधिकारियों तथा सभी खंड विकास अधिकारियों को पत्र जारी किया है।

पत्र की प्रतिलिपि अतिरिक्त निदेशक पंचायती राज और अधीक्षण अभियंता राज्य मुख्यालय सहित अधिशाषी अभियंता मंडी व कांगड़ा को भी सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रेषित की गई है।

विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि योजना के तहत सामग्री से संबंधित भुगतान को अधिकृत करने की जिम्मेदारी लेखाकार और खंड विकास अधिकारी की होगी, जो क्रमशः प्रथम और द्वितीय हस्ताक्षरकर्ता होंगे। भुगतान से पहले प्रत्येक लेनदेन की वास्तविकता और शुद्धता की गहन जांच अनिवार्य होगी। 

सीमेंट के अलावा नहीं होगा किसी वस्तु का अग्रिम भुगतान

हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम से खरीदे जाने वाले सीमेंट को छोड़कर किसी भी सामग्री के लिए अग्रिम भुगतान नहीं किया जाएगा। सीमेंट की आपूर्ति प्राप्त होने पर निगम से विधिवत बिल प्राप्त कर आडिट के लिए रिकार्ड में सुरक्षित रखना होगा। यदि कहीं भी अग्रिम भुगतान का मामला सामने आता है तो सामग्री सूची तैयार करने वाले कर्मचारी और भुगतान को अधिकृत करने वाले अधिकारी दोनों की जवाबदेही तय की जाएगी।

श्रमिक मस्टररोल भुगतान स्वीकृति के बाद तैयार होगी सामग्री सूची

पत्र में खंड स्तर पर अपनाई जाने वाली मानक संचालन प्रक्रिया का भी विस्तार से उल्लेख किया गया है। सामग्री सूची तभी तैयार की जाएगी जब संबंधित कार्य के श्रमिक मस्टररोल का भुगतान स्वीकृत हो चुका हो। मजदूरी का भुगतान मस्टररोल बंद होने के तीन दिन के भीतर कार्यस्थल पर तकनीकी कर्मियों द्वारा दर्ज माप के आधार पर किया जाएगा। 

बीडीओ को जाएगी सूची

ग्राम रोजगार सेवक या पंचायत सचिव द्वारा सामग्री सूची तैयार करने पर बिल वाउचर की प्रतियां सरकारी ई-मेल के माध्यम से खंड विकास अधिकारी को भेजी जाएंगी। बिलों पर यह प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा कि सामग्री वास्तव में खरीदी गई है, स्टॉक रजिस्टर में दर्ज है और खरीद से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी की गई हैं तथा सामग्री संबंधित कार्य में उपभोग की गई है। 

मस्टररोल बंद होने के बाद नहीं खरीद सकेंगे सामग्री

कार्य पूर्ण होने और मस्टररोल बंद होने के बाद कोई नई सामग्री नहीं खरीदी जाएगी, हालांकि पहले खरीदी गई और कार्य में उपयोग की गई सामग्री का भुगतान किया जा सकेगा। सामग्री की खपत को मेजरमेंट बुक और स्टाक रजिस्टर में दर्ज किए बिना कोई भुगतान अधिकृत नहीं होगा। सामग्री की खरीद हिमाचल प्रदेश वित्तीय नियम 2009 और हिमाचल प्रदेश पंचायती राज वित्तीय नियम 2012 के प्रावधानों के अनुसार ही की जाएगी।

मजदूरी और सामग्री का अनुपात

इसके साथ ही विभाग ने मजदूरी और सामग्री के 60:40 के अनुपात को सख्ती से बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। यह अनुपात खंड स्तर पर सभी कार्यों और व्यक्तिगत कार्य स्तर पर भी अनिवार्य रूप से लागू रहेगा। तकनीकी स्वीकृति के समय भी इस अनुपात की जांच की जाएगी। यदि किसी कार्य में सामग्री लागत चालीस प्रतिशत से अधिक होती है तो बढ़ी हुई लागत के स्रोत का स्पष्ट उल्लेख एस्टीमेट में करना होगा। 

निर्धारित अनुपात का उल्लंघन कर यदि किसी लाभार्थी को अधिक भुगतान जारी होता है तो संबंधित खंड विकास अधिकारी जिम्मेदार होगा और राशि संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी से नियमानुसार वसूल की जाएगी।

खंड कार्यक्रम अधिकारी और जिला कार्यक्रम समन्वयक नियमित रूप से इस अनुपात की समीक्षा करेंगे। तकनीकी सहायकों और कनिष्ठ अभियंताओं को भी इस अनुपात की निगरानी की विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। केवल योजना के तहत अनुमत कार्यों से संबंधित सामग्री की ही खरीद की जा सकेगी। विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों से इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है और इसे अत्यंत आवश्यक बताया है।

पंचायती राज विभाग के अतिरिक्त निदेशक केवल शर्मा ने नए दिशा निर्देशों के जारी होने की पुष्टि की है।

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