'दिवाली से पहले 10 प्रतिशत DA और एरियर मिले', हिमाचल अध्यापक संघ ने राज्य सरकार ने उठाई मांग
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ कांगड़ा ने प्रदेश सरकार से दिवाली से पहले कर्मचारियों को 10% महंगाई भत्ता और लंबित एरियर जारी करने की मांग की है।

हिमाचल अध्यापक संघ ने सरकार से डीए और एरियर की मांग की है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
दिवाली से पहले 10% महंगाई भत्ता और लंबित एरियर जारी हो।
25 अक्टूबर से पहले घोषणा और अधिसूचना जारी करने का आग्रह।
लंबित पदोन्नति और रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग।
जागरण संवाददाता, धर्मशाला। हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ जिला कांगड़ा ने प्रदेश सरकार से दिवाली से पहले कर्मचारियों को 10 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) और लंबित एरियर जारी करने की मांग की है। संघ ने 25 अक्टूबर से पहले घोषणा और अधिसूचना जारी करने का आग्रह किया, ताकि बढ़े हुए वेतन के बिल समय पर कोषागार में जमा हों और कर्मचारियों को अक्टूबर के वेतन के साथ बढ़ी हुई राशि मिल सके।
संघ के जिला प्रधान सचिन जसवाल ने प्रदेश स्तर पर आयोजित गूगल मीट में यह मांग रखी। उन्होंने वर्ष 2016 के वेतन आयोग का लंबित एरियर देने और 4-9-14 एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (एसीपी) योजना जल्द बहाल करने की भी मांग की।
पदोन्नति बहाल करने की भी मांग
जसवाल ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से विभाग में लंबित पदोन्नतियां शीघ्र करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देरी से अध्यापकों में असंतोष बढ़ रहा है। कई अध्यापक पूरे सेवाकाल में एक या दो पदोन्नतियां पाते हैं, जबकि कुछ बिना पदोन्नति सेवानिवृत्त हो जाते हैं।
लंबित पदोन्नतियों में टीजीटी से प्रवक्ता, टीजीटी और पदोन्नत प्रवक्ता से मुख्य अध्यापक, जेबीटी और सीएंडवी से टीजीटी, पीईटी से डीपीई, डीपीई से शारीरिक शिक्षा प्रवक्ता तथा पात्र अध्यापकों से प्रधानाचार्य के पद शामिल हैं। विज्ञान विषय में टीजीटी से प्रवक्ता पद पर पदोन्नति भी लंबे समय से नहीं हुई है।
प्रवक्ता के 3378 पद रिक्त
संघ के अनुसार सरकारी विद्यालयों में प्रवक्ताओं के 3378 पद खाली हैं। मुख्य अध्यापकों के स्वीकृत 950 पदों में से 700 रिक्त हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जसवाल ने लंबित वरिष्ठता सूची जल्द जारी करने की मांग भी की।
मांगों का समर्थन
संघ के महासचिव सुमन, खंड प्रधान तेजपाल, ओंकार, रशपाल, संजय, विक्रमजीत, अश्वनी, लोकेश, राकेश, पंकज, राजेश, अमृतपाल, मुकेश, कुलदीप और विनोद ने संयुक्त बयान में मांगों का समर्थन किया।
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