हिमाचल में बिजली उपभोक्ता को अब फोन पर दिखेगी हर दिन की खपत, स्मार्ट पोस्टपेड मीटर लगाने की कवायद तेज
हिमाचल प्रदेश में बिजली उपभोक्ता अब अपने फोन पर रोजाना खपत और बिल की जानकारी देख सकेंगे, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी। ...और पढ़ें

हिमाचल में बिजली उपभोक्ता अब रोजाना की खपत भी चेक कर सकेंगे। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
उपभोक्ता फोन पर रोजाना बिजली खपत की जानकारी पाएंगे।
कांगड़ा के भवारना में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू।
पहले वाणिज्यिक, फिर घरेलू कनेक्शनों पर लगेंगे मीटर।
शिवालिक नरयाल, भवारना (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश में बिजली की खपत, बिल की राशि और महीने में खर्च की गई बिजली की जानकारी के लिए अब उपभोक्ताओं को बिल आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यह जानकारी उपभोक्ता को रोजाना दिखेगी। जिला कांगड़ा के भवारना विद्युत उपमंडल में स्मार्ट पोस्टपेड मीटर लगाने की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। इस उपमंडल के अंतर्गत लगभग 15,200 बिजली उपभोक्ता हैं।
पहले चरण में कमर्शियल कनेक्शनों पर स्मार्ट पोस्टपेड मीटर लगाए जा रहे हैं, जबकि बाद में घरेलू उपभोक्ताओं के मीटर भी बदले जाएंगे। हर उपभोक्ता का मोबाइल नंबर मीटर से जोड़ा जाएगा।
मोबाइल से कर सकेंगे निगरानी
स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ता बिजली बोर्ड के मोबाइल एप के माध्यम से बिजली खपत की निगरानी कर सकेंगे। इससे उपभोक्ता यह जान सकेंगे कि उनके घर या प्रतिष्ठान में एक दिन में कितनी बिजली खर्च हुई और महीने के दौरान खपत किस दिशा में बढ़ रही है।
बिल भी ऑनलाइन मिलेगा
नई व्यवस्था के तहत बिजली का बिल भी ऑनलाइन उपलब्ध होगा। उपभोक्ता मोबाइल पर बिल देख सकेंगे और आनलाइन ही उसका भुगतान कर सकेंगे। इससे बार-बार बिजली बोर्ड के कार्यालय जाने की आवश्यकता कम होगी। हालांकि, विद्युत बोर्ड ने उन उपभोक्ताओं के लिए भी विकल्प रखा है जो आनलाइन भुगतान नहीं कर सकते। ऐसे उपभोक्ता बिजली बोर्ड के कार्यालय में जाकर बिल जमा करवा सकेंगे, जिससे पारंपरिक भुगतान की सुविधा समाप्त नहीं होगी।
कमर्शियल के बाद घरेलू उपभोक्ता जुड़ेंगे
भवारना विद्युत उपमंडल में यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। शुरुआत कमर्शियल कनेक्शनों से हो रही है, इसके बाद घरेलू उपभोक्ताओं को स्मार्ट पोस्टपेड मीटर से जोड़ा जाएगा। इस व्यवस्था से बिजली खपत की निगरानी अधिक पारदर्शी होने की उम्मीद है।
स्मार्ट मीटर व्यवस्था में चुनौती
हालांकि, स्मार्ट मीटर व्यवस्था के साथ एक चुनौती भी है। क्षेत्र में कई बुजुर्ग और ग्रामीण उपभोक्ता हो सकते हैं जिनके पास स्मार्ट एंड्रायड फोन नहीं हैं। ऐसे लोगों के लिए रोजाना बिजली खपत की ऑनलाइन निगरानी करना मुश्किल हो सकता है।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली की व्यवस्था को देखते हुए स्मार्ट मीटर और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। उपभोक्ता मोबाइल एप पर खपत की नियमित निगरानी कर सकेंगे। स्मार्ट मीटर का उद्देश्य केवल बिल को मोबाइल पर पहुंचाना नहीं है, बल्कि उपभोक्ताओं में बिजली बचाने की आदत विकसित करना भी है।
विद्युत उपमंडल भवारना के तहत 15200 उपभोक्ता हैं, जिनके पुराने मीटर बदले जाएंगे। इससे उपभोक्ताओं को बिजली बिल फोन पर मिलने से ऑनलाइन भरने की सहूलियत मिलेगी।
-मयंक शर्मा, सहायक अभियंता, विद्युत उपमंडल भवारना।
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