मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

शिमला, रमेश सिंगटा। आम हो या खास सब अपनी जेब से आयकर चुकाते हैं। लेकिन पचास हजार करोड़ रुपये से भी अधिक कर्ज के बोझ तले डूबे हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मंत्री व विधायक का आयकर सरकार जनता के पैसे से भर रही है। इस पर हर साल करीब चार करोड़ का बोझ खजाने पर पड़ता है। पूर्व विधायकों के करीब दो करोड़ रुपये के आयकर का भुगतान भी सरकार की ही जिम्मेदारी है।

माननीय का औसतन वेतन (भत्तों सहित) सवा दो लाख रुपये है जबकि मंत्रियों का इनसे पंद्रह से बीस हजार ज्यादा है। कुल 68 विधायकों का सालाना वेतन 15 करोड़ रुपये से अधिक बनता है। यात्रा भत्ता अलग से दिया जाता है, जो पहले ढाई लाख था। विधानसभा के इसी मानसून सत्र में इसे बढ़ाकर चार लाख रुपये तक किया गया है।

कोई तय फार्मूला नहीं

माननीयों के वेतन-भत्ते तय करने के लिए कोई भी तय फार्मूला नहीं है। विधानसभा में विधेयक लाया जाता है और सत्ता पक्ष व विपक्ष बिना विरोध इसे पारित कर देते हैैं।

किसका कितना वेतन

  • विधानसभा उपाध्यक्ष व अध्यक्ष
  • वेतन, 75,80
  • कंपनसेटरी अलाउंस,5
  • रात्रि ठहराव भत्ता,54
  • टेलीफोन भत्ता, 20
  • सत्कार भत्ता,95
  • कुल 2.49, 2.54 लाख

    विधायक

  • वेतन,55 हजार
  • कंपनसेटरी भत्ता,5 हजार
  • चुनाव क्षेत्र भत्ता,90 हजार
  • टेलीफोन भत्ता,15 हजार
  • कार्यालय भत्ता,30 हजार
  • डाटा ऑपरेटर भत्ता,15 हजार
  • कुल 2.10 लाख

ये भी सुविधाएं

इनके अलावा अध्यक्ष को यात्रा के लिए 1800 रुपये प्रतिदिन का भत्ता मिलता है। कार की खरीद करने अथवा मकान बनाने के लिए 50 लाख रुपये तक एडवांस ले सकते हैं। इसका भुगतान वे 180 किस्तों में केवल चार फीसद ब्याज के साथ कर सकते हैं। विधायकों का बिजली और पानी का पांच हजार का बिल सरकार देती है। उन्हें 1800 रुपये दैनिक भत्ता मिलता है। विधायकों को सरकार रहने के लिए हॉस्टल की सुविधा देती है। इसकी एवज में उन्हें 1500 रुपये हर सेट का खर्चा देना होता है। वे भी कार खरीदने और मकान निर्माण के लिए 50 लाख रुपये एडवांस ले सकते हैं।

पूर्व विधायकों को कई सुविधाएं

पूर्व विधायक को 36 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलती है। उन्हें कार खरीदने और मकान बनाने के लिए आसान दरों पर 15 लाख रुपये एडवांस लेने का प्रावधान है। साल में सवा लाख रुपये तक की रेल, अथवा हवाई यात्रा का क्लेम कर सकते हैैं।

Posted By: Rajesh Sharma

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