धर्मशाला, जागरण टीम। Himachal Dharamshala Tourist Destination, धर्मशाला हिमाचल प्रदेश का मशहूर पर्यटन स्‍थल है। धर्मशाला तो एक नाम है यहां कई छोटे बड़े पर्यटन स्‍थल हैं तो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। धर्मशाला आज विश्व पर्यटन मानचित्र पर अपना नाम बना चुका है। धर्मशाला के साथ लगती पहाड़ी पर मैक्लोडगंज, धर्मकोट, भागसूनाग व डलझील हैं। यह स्‍थल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे हैं। यहां धौलाधार की खूबसूरत पहाडि़यां मानों दूर से ही अपने पास बुलाती हैं। धौलाधार के साथ लगते पर्यटन स्‍थल और यहां की खूबसूरती पर्यटकों की सारी थकान मिटा देते हैं। बी‍ड़ बिल‍िंग के अलावा धर्मशाला में इंद्रुनाग की पहाड़ी से भी पैराग्‍इलाडिंग होती है। पर्यटक यहां से टेंडम उड़ान भरकर आसमान में अठखेलियां करते हैं। इन दिनों धर्मशाला से मैक्‍लोडगंज का रोपवे से सफर भी पर्यटकों को खूब भा रहा है।

धौलाधार की गोद में बना अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट स्‍टेडियम भी पर्यटकों  को खूब पसंद है। यहां पर अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का आगमन तब ज्यादा शुरू हुआ जब तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने मैक्लोडगंज को अपनी आवासस्थली बनाया। देश व विदेश में बैठे उनके अनुयायी शिक्षा ग्रहण करने के लिए यहां आते हैं। तिब्बती धर्म गुरु दलाईलामा से मिलने उनकी शिक्षा लेने व मैक्लोडगंज, धर्मकोट, त्रियुंड रमणीक स्थलों का लुत्फ लेने पहुंच रहे हैं।

पैराग्लाइडिंग ने आकर्षित किए पर्यटक

जिला कांगड़ा के बीड़ बिलिंग में आयोजित होने वाली पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिताओं ने देशी व विदेशी पर्यटकों को  को यहां आकर्षित किया है। इससे पहले सिर्फ विदेशी ही यहां पर पैराग्लािडिंग करते थे।अब स्थानीय युवा भी पैराग्लाइडिंग पायलट बने हैं और स्वरोजगार से भी जुड़े हैं। अक्‍टूबर और नवंबर में यहां बड़े स्‍तर पर आयोजन होते हैं व पर्यटक भी यहां हवा में अठखेलियां करने पहुंचते हैं।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला ने आमंत्रित किए पर्यटक

धर्मशाला में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनने के बाद यहां पर अंतरराष्ट्रीय मैचों में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी व पर्यटक यहां तक पुहंचे और यहां के पर्यटक उद्योग को भी बूस्ट मिला है।

मां चामुंडा, बज्रेश्वरी व ज्वालाजी दर्शनों को आते हैं विदेशी पर्यटक भी

मां चामुंडा, बज्रेश्वरी व ज्वालाजी माता के दर्शनों के लिए देशी व विदेशी पर्यटक आते हैं, जिससे धार्मिक पर्यटक को बढ़ावा मिला है। मंदिरों के चढा़वे में भी इजाफा हुआ है और विदेशी मुद्रा भी मंदिरों में चढ़ावे के रूप में चढ़ रही है।

पौंग झील की खूबसूरती को चार चांद लगाते विदेशी परिंदे

जिला कांगड़ा में स्थित पौंग झील की खूबसूरती को विदेशी पर‍िंदे चार चांद लगाते हैं। सर्दी के मौसम साइबे‍रिया सहित अन्‍य देशों से हजारों की संख्‍या में विदेशी परिंदे पौंग झील में पहुंचते हैं। इसके अलावा धर्मशाला सटे गोपालपुर में चिडि़याघर में भी पर्यटक पहुंचते हैं।

Edited By: Rajesh Kumar Sharma

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट