यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 29, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Himachal Election 2022: हिमाचल विधानसभा चुनाव में 2 मंत्रियों सहित ये 4 प्रत्याशी नहीं डाल पाएंगे खुद को वोट
Himachal Pradesh Election 2022 हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार कई प्रत्याशी स्वयं को वोट नहीं दे पाएंगे। भाजपा ...और पढ़ें

शिमला, जागरण संवाददाता। Himachal Pradesh Election 2022, हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार कई प्रत्याशी स्वयं को वोट नहीं दे पाएंगे। कसुम्पटी से भाजपा प्रत्याशी सुरेश भारद्वाज का शिमला शहर में वोट है। राकेश पठानिया कांगड़ा जिला की फतेहपुर सीट से चुनाव मैदान में हैं, लेकिन उनका वोट नूरपुर में है। ज्वालामुखी से भाजपा प्रत्याशी रविंद्र रवि का वोट भी देहरा में है। वहीं, शिमला ग्रामीण से कांग्रेस प्रत्याशी विक्रमादित्य सिंह का रामपुर में वोट है, जबकि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी बेटे विक्रमादित्य को वोट नहीं डाल पाएंगी। उनका नाम भी रामपुर की मतदाता सूची में है। हिमाचल के इन सभी नेताओं ने ताल तो ठोक दी है, लेकिन स्वयं को वोट नहीं कर पाएंगे।
सुरेश शिमला शहरी से ही लड़े हैं पहले चुनाव
भाजपा ने शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज का विधानसभा क्षेत्र बदला है। उन्हें शिमला शहर से कसुम्पटी भेजा है, इसलिए पहली बार अपने आप को वोट नहीं डाल पाएंगे। उन्होंने इससे पहले सभी चुनाव शिमला शहर से लड़े हैं।
राकेश पठानिया पहली बार नूरपुर से बाहर
वहीं, वन मंत्री राकेश पठानिया का चुनावी क्षेत्र भी भाजपा ने बदल दिया है। वह पहली बार नूरपुर से बाहर चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि, पार्टी ने वरिष्ठ नेता रमेश धवाला का टिकट भी बदला है। उन्हें ज्वालामुखी की बजाय देहरा से चुनाव मैदान में उतारा है। उनका वोट पहले से ही इस विधानसभा क्षेत्र में हैं। रविंद्र रवि का चुनाव क्षेत्र भी देहरा से बदलकर ज्वालामुखी कर दिया है।
विधानसभा चुनाव में वीरभद्र सिंह ने कभी खुद को वोट नहीं डाला
पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह ने विधानसभा चुनाव में खुद को कभी वोट नहीं डाला। वीरभद्र सिंह का वोट रामपुर में था, लेकिन उन्होंने पहला विधानसभा चुनाव रोहडू और उसके बाद शिमला ग्रामीण से लड़ा। हर बार मतदान के लिए वह रामपुर पहुंचते थे। हालांकि, लोकसभा चुनाव में मंडी संसदीय क्षेत्र से प्रत्याशी के तौर पर वह स्वयं को वोट जरूर देते थे।
