डाडासीबा, जेएनएन। कर्मचारी एवं कल्याण बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह मनकोटिया ने सरकार द्वारा प्रदेश में शराब सस्ती करने पर प्रश्न उठाया है। उन्होंने कहा कि लोगों को सरकार से सस्ते राशन, बिजली, पानी और सस्ते सीमेंट की उम्मीद थी, लेकिन प्रदेश सरकार ने शराब को सस्ता करके लोगों को नशे की लत डालने का रास्ता साफ किया है। सरकार का यह फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है जिसकी बुद्धिजीवी लोग व महिलाएं कड़ी निंदा कर रही हैं।

काग्रेस नेता सुरेंद्र मनकोटिया ने कहा कि प्रदेश में पहले ही युवा पीढ़ी नशे की लत में पड़ चुकी है और अब शराब सरकार को सस्ता करके इसे और बढ़ावा देने जा रही है। अब वह दिन दूर नहीं जब हिमाचल में भी पंजाब की तरह हर जगह नशा निवारण केंद्र खोलने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि नशा किसी भी तरह का हो, उसे सस्ता नहीं किया जाना चाहिए बल्कि नशीले पदार्थों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। प्रदेश में सीमेंट के दाम सरकार के नियंत्रण से बाहर हो रहे हैं, बिजली के दाम सरकार बिना लोगों को बताए धीरे-धीरे बढ़ा रही है, पानी के बिल महंगे हो चुके हैं। इन सब चीजों पर सरकार को कंट्रोल करना चाहिए न कि शराब को सस्ता करना चाहिए।

कांग्रेस सेवादल ने की शराब नीति की अलोचना

कर्ज में डूब रही प्रदेश सरकार द्वारा राजस्व बढ़ाने के इरादे से लागू की जा रही शराब नीति का बैजनाथ कांग्रेस सेवादल ने विरोध किया है। सेवादल के सदस्य सीताराम ने कहा कि सरकार को जनता को राहत देनी थी तो सीमेंट, एलपीजी गैस सहित रोजमर्रा की वस्तुओं को सस्ता करना चाहिए था। लेकिन सरकार ने शराब सस्ती करके व रात दो बजे तक बार एवं रेस्टोरेंट खुले रखने का निर्णय लेकर युवाओं को नशे की गर्त में डालने का कार्य किया है। सीताराम ने कहा कि पहले ही पहाड़ों की जवानी नशे की गर्त में फंसकर अपना जीवन बर्बाद कर रही है। अब सस्ती शराब मिलने से प्रदेश के अन्य युवाओं पर विपरीत असर पड़ेगा।

Posted By: Rajesh Sharma

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