यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 01, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कांग्रेस की साख और भाजपा सरकार का विकास बताएगा चुनावी परिणाम, 2022 के चुनावों का दिखाएगा रास्ता
Himachal By Election Result मंडी संसदीय सीट सहित तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए जनादेश ईवीएम में कैद हो ...और पढ़ें

शिमला, अनिल ठाकुर। Himachal By Election Result, मंडी संसदीय सीट सहित तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए जनादेश ईवीएम में कैद हो गया है। चुनावी नतीजे आने से पहले ही राजनीतिक दल अब जीत और हार के गणित में उलझ गए हैं। रविवार को भाजपा और कांग्रेस दोनों ने चुनावी हलकों से पूरा फीडबैक लेकर इसके नफे नुकसान का आंकलन किया। किस पोलिंग बूथ से किसको कितने वोट मिले यह तो नतीजे आने के बाद ही पता लगेगा, लेकिन अपने पोलिंग एजेंट के जरिये राजनीतिक दलों ने आंकलन लगाना शुरू कर दिया है।
सियासी मायनों में देखे तो दोनों दलों के लिए यह उपचुनाव काफी अहम है। उपचुनाव सरकार के विकास व कांग्रेस की साख तय करेगा। प्रदेश में भाजपा की सरकार को बने चार साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है। उपचुनाव के नतीजे तय करेंगे कि जमीनी स्तर पर विकास हुआ है या फिर वादे और घोषणाएं ही हुईं। सरकार विकास के मुद्दे पर चुनावी मैदान में उतरी थी। भाजपा यदि जीतती है तो यह माना जाएगा कि जनता ने विकास पर मुहर लगाई है। दूसरी तरफ विपक्षी दल कांग्रेस के लिए यह चुनाव अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। कांग्रेस जनता के मुद्दों को लेकर चुनावी मैदान में उतरी है। कांग्रेस ने पूरे चुनाव में महंगाई, पेट्रोल और डीजल की कीमतों को मुख्य मुद्दा बनाया। यदि कांग्रेस चुनाव में जीत हासिल करती है तो यह माना जाएगा कि महंगाई का असर चुनावों पर पड़ा है।
2022 के लिए जमीन तैयार करेंगे परिणाम
उपचुनाव के परिणाम 2022 के चुनाव की जमीन तैयार करेंगे। चुनावी परिणाम जीतने वाले दल में जोश पैदा करने के साथ लोगों के रुख को भी दर्शाएगा। उपचुनाव को सत्ता का सेमीफाइनल मानकर ही दोनों दल चुनावी मैदान में उतरे हैं। चुनाव में कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर है। खासकर कांग्रेस नेताओं के लिए।
