शिमला, राज्य ब्यूरो। हिमाचल देश के अन्य राज्यों के लिए पथ प्रदर्शक बना है। इस पहाड़ी राज्य ने कोरोना से लड़ाई, लोगों को वैक्सीनेशन देने और कई अन्य क्षेत्रों में बढिय़ा काम किया है। हिमाचल ने 50 वर्ष में अभूतपूर्व विकास किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हिमाचल से विशेष लगाव है और वह बीते 20 वर्षों से बिना अवकाश लिए विकास कार्य कर रहे हैं।यह बात केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल ने शिमला में शनिवार को पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के राज्यस्तरीय समारोह की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि पांच हजार स्थानों पर एक लाख लोग कार्यक्रम को देख रहे हैं। यह योजना दुनिया का सबसे बड़ा कार्यक्रम है, जिसमें 80 करोड़ लोगों को पांच किलो मुफ्त राशन पहुंचाने का काम किया है। इस अवसर पर केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के सचिव सुधांशु पांडे, जल शक्ति मंत्री महेंद्र ङ्क्षसह, शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, सूचना प्रौद्योगिकी एवं जनजातीय विकास मंत्री डा. रामलाल मारकंडा, वन मंत्री राकेश पठानिया, सांसद और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप भी उपस्थित थे।

जयराम बोले, कोरोना काल में दिया 643 करोड़ का मुफ्त राशन

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि कोविड काल में प्रदेश में 643 करोड़ रुपये का मुफ्त खाद्यान्न बांटा गया। प्रदेश का सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री मोदी का स्नेह प्राप्त हो रहा है। पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना मई, 2021 में क्रियान्वित की गई और आरंभ में यह जून, 2021 तक थी, लेकिन इसके बाद भारत सरकार ने नवंबर, 2021 तक बढ़ा दिया है। प्रदेश में इस योजना के तहत वर्ष 2020-21 में 69,000 मीट्रिक टन चावल और 42,000 मीट्रिक टन गेहूं का मुफ्त वितरण किया गया है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आने वाले परिवारों को 5000 मीट्रिक टन से अधिक काला चना दाल प्रदान की गई है। हिमाचल प्रदेश वन नेशन वन राशन कार्ड योजना लागू करने वाला देश का पहला राज्य है।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सात लाख परिवार शामिल : गर्ग

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजिंद्र गर्ग ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत प्रदेश में सात लाख से अधिक राशनकार्ड धारकों को शामिल किया गया है, जिसमें 29 लाख से अधिक आबादी लाभांवित हो रही है। योजना के तहत 12 लाख से अधिक एपीएल राशन कार्डधारक भी लाभांवित हो रहे हैं, जिससे राज्य में 44 लाख से अधिक की आबादी को कवर किया जा रहा है। केंद्र द्वारा प्रदेश को 10,000 मीट्रिक टन गेहूं का आटा और 7000 मीट्रिक टन चावल प्रदान किए गए हैं, जिसे प्रदेश सरकार द्वारा समाज के कमजोर वर्गों को प्रदान किया गया है।

Edited By: Neeraj Kumar Azad