धर्मशाला, जेएनएन। हिमाचल प्रदेश में दो दिन हुई भारी बर्फबारी से आम जनजीवन ठहर गया है। सड़कें बंद हो गई हैं व सैकड़ों ट्रांसफार्मर जल जाने से बिजली सप्‍लाई भी ठप है। हालांकि, पर्यटन क्षेत्र भारी बर्फबारी से खिल उठे हैं। वहीं किसानों और बागवानों के लिए भी बर्फबारी और बारिश एक संजीवनी साबित होगी। लेकिन प्रदेश के ऊचाई वाले क्षेत्रों में जहां तीन से पांच फीट तक बर्फ गिर चुकी है, वहां जनजीवन बदतर हो गया है। लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं। जिला मंडी का घटासनी बरोट मार्ग बर्फबारी से बंद हो गया है। चौहारघाटी समेत जिला कांगड़ा के छोटा व बड़ा भंगाल के लोगों की दिक्कतें भी बढ़ी हुई हैं। समूची चौहारघाटी ने सफेद चादर ओढ़ ली है। घोघरधार भी बर्फ से गुलजार हो गई है।

जिला मंडी की चौहारघाटी में बाल्‍टी में बर्फ भर कर पिघलाने के लिए ले जाती महिला। यहां बर्फ पिघलाकर पीने के पानी का प्रबंध किया जा रहा है।

जिला मंडी व कांगड़ा की सीमा पर बसे छोटा भंगाल में हुई भारी बर्फबारी के बीच दबी सड़क। भारी बर्फबारी के कारण यहां लोग घरों में कैद हो गए हैं।

जिला की पर्यटन नगरी मनाली में भी हिमपात हुआ है। मनाली के कोठी गांव में बर्फ़ के बीच दबे वाहन। यहां तीन फीट से ज्‍यादा बर्फ गिर चुकी है व यह क्रम अभी भी जारी है।

मनाली का पर्यटन स्थल सोलंगनाला। यहां तीन फीट से ज्‍यादा हिमपात हो चुका है, लेकिन बीआरओ की बदौलत सोलंगनाला तक सड़क बहाल है। पर्यटक यहां तक पहुंचकर भारी बर्फ के बीच मस्‍ती कर सकते हैं।

Posted By: Rajesh Sharma

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