संवाद सूत्र, ज्वालामुखी : श्री ज्वालामुखी मंदिर में श्रद्धालु अब हवन यज्ञ कर सकेंगे। कोरोना महामारी के कारण 17 मार्च, 2020 को श्री ज्वालामुखी मंदिर के कपाट बंद हो गए थे। हालांकि 10 सितंबर, 2020 को मंदिर के कपाट दोबारा मां के दर्शन के लिए खोल दिए थे, लेकिन हवन यज्ञ पर प्रतिबंध लगा दिया था।

हालांकि 18 माह बाद मां के दर्शन के लिए आए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पुजारियों के अनुरोध पर हवन यज्ञ से प्रतिबंध हटाने की घोषणा की थी लेकिन नवरात्र में श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण स्थानीय प्रशासन ने अपने स्तर पर नवरात्र तक प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया था। 19 अक्टूबर से श्रद्धालु हवन यज्ञ कर सकेंगे। मंदिर में माता साक्षात अग्नि रूप में दर्शन देती हैं। यहां देशभर से श्रद्धालु हवन यज्ञ करवाने के लिए आते हैं। मंदिर न्यास सदस्यों प्रशांत शर्मा, जेपी दत्ता, सौरभ शर्मा, त्रिलोक चौधरी, शशि चौधरी व देशराज भारती ने बताया कि कोरोना नियमों के तहत हवन यज्ञ किए जा सकेंगे।

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18 माह तक मंदिर का हवन कुंड बंद रहा है। सरकार ने नवरात्र में ही हवन यज्ञ शुरू करने की अनुमति दी थी, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने नवरात्र तक अपने स्तर पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया था। अब भीड़ कम होने के कारण श्रद्धालु हवन यज्ञ कर सकेंगे।

-सौरभ शर्मा, पुजारी

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कोरोना नियमों के तहत ही मंदिर में हवन यज्ञ किए जा सकेंगे। इस बाबत पुजारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।

-धनवीर ठाकुर, एसडीएम ज्वालामुखी

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श्री चामुंडा मंदिर के दुकानदारों ने ली राहत की सांस

संवाद सहयोगी, योल : शारदीय नवरात्र के दौरान श्री चामुंडा मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से दुकानदारों ने राहत की सांस ली है। पिछले डेढ़ साल से खाली हाथ बैठे दुकानदारों को अब कुछ हद तक राहत मिली है।

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कोरोना के कारण कारोबार ठप हो गया था। कमाई का अन्य साधन न होने से रोजी-रोटी के लाले पड़ने लगे थे। अब कुछ राहत मिली है।

-संजू चौधरी

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नवरात्र में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से दुकानदारों की रोजी रोटी चल पड़ी है। हालांकि बिजली के बिल और दुकानों का किराया देना अभी मुश्किल हो रहा है।

-अमित मेहता

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पिछले डेढ़ साल से खाली हाथ बैठे रहने से काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। नवरात्र के दौरान भक्तों की संख्या बढ़ने से राहत मिली है।

-सन्नी कुमार

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मंदिर परिसर के दुकानदारों को पिछले दिनों बुरे दौर से गुजरना पड़ा है। सावन अष्टमी मेलों के दौरान बंदिश के कारण कम पर्यटक आए थे। अब श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है।

-डीके कपूर

Edited By: Jagran