शिमला-मटौर फोरलेन: घट्टा टोल प्लाजा पर बढ़ा विवाद, 7 पंचायतों के लोगों का एलान नहीं देंगे टैक्स
शिमला-मटौर फोरलेन पर घट्टा टोल प्लाजा पर बढ़ी दरों को लेकर सात पंचायतों के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने 15 अक्टूबर से टोल शुल्क न देने का फैसला किया।

घट्टा (रानीताल) टोल प्लाजा पर एकत्रित हुए लोग। जागरण।
HighLights
घट्टा टोल प्लाजा पर बढ़ी दरों का विरोध।
सात पंचायतों ने 15 अक्टूबर से टोल न देने का फैसला।
सांसद और विधायक ने हस्तक्षेप कर समाधान का आश्वासन दिया।
संवाद सहयोगी, कांगड़ा। शिमला-मटौर फोरलेन पर घट्टा (रानीताल) टोल प्लाजा पर दरों में बढ़ोतरी को लेकर बुधवार को फिर विवाद गहरा गया। आसपास की सात पंचायतों के जनप्रतिनिधियों और लोगों ने प्रदर्शन कर बढ़ी दरों का विरोध किया। पंचायत प्रतिनिधियों ने फैसला किया कि 15 अक्टूबर से इन पंचायतों के वाहन चालक टोल शुल्क नहीं देंगे। जबरन वसूली होने पर टोल प्लाजा पर ताला लगाने की चेतावनी भी दी गई। इस संबंध में अधिकारियों को लिखित प्रस्ताव सौंपा गया।
अधूरा है अभी फोरलेन
पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि रियूंद पुल का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है, जबकि एनएचएआइ ने कच्छियारी-भंगवार खंड के फोरलेन के लिए पूरी टोल वसूली शुरू कर दी है। इससे आसपास की पंचायतों के लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। पहली अक्टूबर से दरों में बढ़ोतरी के विरोध में लोग आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें आश्वासन ही मिले हैं।
टोल प्लाजा पर जुटे पंचायत प्रधान
रानीताल के प्रधान अभिनव कृष्ण, तकीपुर के प्रधान पवी कुमार, धमेड़ की प्रधान किरण बाला, दौलतपुर की प्रधान सीमा, हार-जलाड़ी के प्रधान बलबीर, भंगवार की प्रधान इंदु माला और जनयानकड़ की प्रधान श्रेष्ठा देवी की अगुआई में सैकड़ों लोग टोल प्लाजा पर जुटे। बैठक में राहत नहीं मिलने पर 15 अक्टूबर से शुल्क नहीं देने का निर्णय लिया गया।
सांसद व विधायक भी पहुंचे
प्रदर्शन के दौरान कांगड़ा के सांसद डा. राजीव भारद्वाज और स्थानीय विधायक पवन काजल भी पहुंचे। पंचायत प्रतिनिधियों ने उनके सामने बढ़ी दरों और स्थानीय लोगों को राहत देने का मुद्दा उठाया। सांसद ने कहा कि घट्टा टोल प्लाजा के पांच किलोमीटर के दायरे में रहने वालों को शुल्क में छूट दिलाने के लिए वह केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मिलेंगे। उन्होंने 15 दिन में समस्या का स्थायी समाधान कराने का प्रयास करने की बात कही।
प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष एवं विधायक पवन काजल ने कहा कि सांसद डा. राजीव भारद्वाज के प्रयासों से कांगड़ा घाटी रेल सेवा शुरू हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीणों को भी टोल प्लाजा के पांच किलोमीटर के दायरे में राहत मिलेगी।
जबरन वसूली की तो देंगे धरना
प्रतिनिधियों ने कहा कि दो सप्ताह का समय देने के बावजूद एनएचएआइ ने दरों में रियायत या छूट नहीं दी। तकीपुर, धमेड़, दौलतपुर, रानीताल, भंगवार, हार-जलाड़ी और जनयानकड़ पंचायतों ने एकजुट होकर शुल्क नहीं देने का फैसला किया है। जबरन शुल्क वसूला गया तो सातों पंचायतों के लोग धरना देंगे। प्रदर्शन में टैक्सी आपरेटर, वरिष्ठ नागरिक और पहल समाजसेवी संस्था के सदस्य भी मौजूद रहे।
