नूरपुर, जेएनएन। वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने मंगलवार को एक्स पेरिमेंटल सिल्वीकल्चर फेल्लिंग फॉरेस्ट कमेटी के सदस्यों के साथ नूरपुर वन मंडल के तहत सदवां तथा टटल वन क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया व उच्चतम न्यायालय द्वारा हिमाचल प्रदेश में वनों में कटान तथा उसके वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन के लिए गठित एक्सपेरिमेंटल सिल्वीकल्चर मॉनिटरिंग कमेटी के अध्यक्ष बीपी मोहन तथा सदस्य डॉक्टर डीआर भारद्वाज भी मौजूद रहे।

हिमाचल प्रदेश में करीब तीन दशकों से वनों के कटान पर पूर्ण रोक है, जिस कारण उच्चतम न्यायालय द्वारा इस कमेटी का गठन किया गया है,  ताकि जरूरत वाले क्षेत्रों में वनों का कटान पूरे वैज्ञानिक तरीके व पूरी पारदर्शिता से इस कमेटी की निगरानी में सुनिश्चित हो सके।

वन मंत्री ने कहा कि ये कमेटी उच्चतम न्यायालय द्वारा हिमाचल प्रदेश में वनों के विकास, प्रतिष्ठान, संरचना की गुणवत्ता और जंगलों के स्वास्थ्य को नियंत्रण करने के लिए गठित की गई है। प्रदेश के तीन वन मंडलों पांवटा साहिब, नूरपुर तथा बिलासपुर में प्रयोगात्मक तौर पर वनों के कटान की अनुमति प्रदान की गई है। इसके तहत प्रदेश के 65 वन क्षेत्रों में इस कमेटी की निगरानी में वनों का कटान किया जाएगा। जिसमें नूरपुर उपमंडल के 50 वन क्षेत्रों में खैर की लकड़ी के कटान की अनुमति प्रदान की गई है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा वनों के अवैध कटान पर बनाए गए सख्त कानूनी प्रावधानों से इस कार्य पर रोक लगी है। वन हमारी बहुमूल्य संपदा हैं तथा इनका संरक्षण सरकार की उच्च प्राथमिकता है। सरकार के प्रयासों तथा लोगों की सहभागिता से हिमाचल में वनों के क्षेत्र में बढ़ोतरी हुई है जोकि हम सबके लिए खुशी की बात है। इस दौरान मंत्री ने जामुन का पौधा रोपा।

सीएए जागरूकता रैली में पहुंचे मंत्री

वहीं मंत्री ने में बाद पठानकोट जिला के सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में नागरिकता संशोधन अधिनियम पर आयोजित रैली में भाग लिया व लोगों को संबोधित किया। इस मौके पर प्रधान मुख्य अरण्यपाल अजय शर्मा,  राज्य वन निगम के प्रबंध निदेशक मनीष कुमार, अरण्यपाल डीआर कौशल, डीएफओ बसु कौशल व अन्य मौजूद रहे।

Posted By: Rajesh Sharma

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस