कांगड़ा, बिमल बस्सी। खाद्य तेल व दालों के दाम बढ़ने से आम आदमी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। खाद्य तेल का दाम बढ़ने से महिलाओं का रसोई बजट बिगड़ने लगा है। 110 रुपये बिकने वाला सरसों का तेल अब 160 से 175 रुपये लीटर मिल रहा है। 90 रुपये बिकने वाले रिफाइंड तेल का दाम भी 170 रुपये लीटर पहुंच गया है। विदेशों से आयात होने वाला रिफाइंड पाम तेल प्रतिबंधित श्रेणी में होने और सन फ्लावर की फसल बर्बाद होने से तेल का दाम बढ़ गया है। कोरोना काल में लोगों को महंगाई से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। खाद्य तेल व दालों की मांग बढ़ने से इनके दाम में काफी उछाल आया है। दालें प्रति किलो 10 से 25 रुपये महंगी हो गई हैं।

बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र, कर्नाटक व मध्य प्रदेश में मौसम की मार से दालों का उत्पादन प्रभावित हुआ है। पिछले वर्ष 110 रुपये किलो बिकने वाले राजमाह 135 रुपये में मिल रहा है। करियाना व्यापारी कह रहे हैं कि उत्पादन की कमी के कारण वस्तुएं महंगे दाम पर मिल रही हैं। अभी दो माह तक आवश्यक वस्तुओं के दाम में गिरावट के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।

बाजार में खाद्य तेल के दाम (लीटर)

  • सरसों, 130, 170
  • रिफाइंड, 110, 170

बाजार में दाल के दाम (किलो)

  • दाल,वर्ष 2020,वर्ष 2021
  • अरहर,100,110
  • मूंग,90,110
  • मूंग धुली,100,110
  • उड़द,90,110
  • चने की दाल,60,75
  • मसर,85,85
  • राजमाह,110,135
  • काले चने,60,75
  • सफेद चना,80,90

क्या कहते हैं कारोबारी

  • मौसम बिगड़ने से दालों का उत्पादन प्रभावित हुआ है। मांग के अनुसार आपूर्ति नहीं होने से दाम बढ़ना स्वभाविक है। मसर की दाल का दाम नहीं बढ़ा है। -राजीव कालरा, करियाना कारोबारी कांगड़ा।
  • टिड्डियों के हमले व मौसम बिगड़ने से काफी फसल बर्बाद हो गई है। इसका दालों के उत्पादन पर भी असर पड़ा है। मांग के अनुसार दालों की आपूर्ति नहीं हो रही है। -राजकुमार, करियाना कारोबारी कांगड़ा।
  • देश में कच्चे माल के उत्पादन में कमी होने से तेल का उत्पादन प्रभावित हुआ है। इस कारण आपूर्ति भी प्रभावित हुई है और दाम में उछाल आया है। -मुनीष कुमार, करियाना कारोबारी कांगड़ा।
  • दालों की आपूर्ति न होने से इनके दाम में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है। आगामी दो माह तक दाम में गिरावट होने के आसार नहीं हैं। आपूर्ति सामान्य होने पर दाम कम हो सकते हैं। -सुरजीत सिंह, करियाना कारोबारी कांगड़ा।