सुरेश कौशल, योल

सरकार गांवों की गलियों को संपर्क सड़कों से जोड़ने के लिए सालाना लाखों रुपये के बजट का प्रावधान पंचायतों के माध्यम से करती है। मनरेगा के तहत रास्ते बनाकर ग्रामीणों को वाहन घर द्वार पर पहुंचाने की सुविधा मिल पाती है। लेकिन नगरोटा बगवां ब्लॉक की पंचायत सेराथाना के वार्ड चार और पांच में पिछले दस साल से पांच मीटर रास्ता अतिक्रमण की वजह से नहीं बन सका है। नतीजतन करीब 100 परिवारों के घरों तक वाहन नहीं पहुंच पाते हैं। सुविधा के अभाव में किसी भी बीमार व्यक्ति को कंधे पर उठाकर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। लोगों को अपने वाहन घर से आधा किलोमीटर पीछे ही पार्क करने पड़ते हैं।

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रास्ते को बनाने के लिए पंचायत स्तर पर भी प्रयास किए गए, लेकिन कुछ लोग डंगे को हटाने में एतराज जताते हैं। इस कारण रास्ते का निर्माण नहीं हो सका है।

-कृष्ण कश्मीरी, वार्डपंच।

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हालांकि रास्ता पंचायत स्तर पर मनरेगा के तहत बनाया गया है, लेकिन छोटे मोटे वाहन यहां से नहीं गुजर पाते हैं। डंगा लगाने के कारण रास्ता संकरा हो गया है।

सुधीर ठाकुर।

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पंचायत स्तर पर सेल्फ डाला गया है। जल्द वार्ड चार और पांच के लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रास्ते की चौड़ाई बढ़ा दी जाएगी।

-सुशील कुमार, पंचायत प्रधान।

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500 मीटर रास्ता पिछले दस साल से वाहन योग्य बनने की राह देख रहा है। वोटों की राजनीति से रास्ता आज तक अधर में लटका है।

-सुनील कुमार।

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रास्ता इतना संकरा है कि वाहन तो दूर पैदल चलने में भी मुश्किल होती है। खास कर जब किसी मरीज को संपर्क सड़क तक ले जाना पड़ता है।

-रणजीत सिंह।

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पंचायत के माध्यम से खंड विकास अधिकारी को भी इस संबंध में अवगत कराया है। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

-अंकुश कौंडल।

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ऐसी शिकायत विभाग के पास आई है। संबंधित पंचायत को रास्ते के कार्य को शुरू करने के विभागीय दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं।

-मुनीष कुमार, खंड विकास अधिकारी नगरोटा बगवां