संवाद सूत्र, डाडासीबा : समाजसेवी, नेशनल शिपिग बोर्ड के सदस्य व वीआर मेरीटाइम के प्रबंध निदेशक कैप्टन संजय पराशर की टीम लोगों की सेवा के लिए प्रयासरत है। शुक्रवार रात तूफान व बारिश के कारण संपर्क मार्ग बंद हो गए और विद्युत सप्लाई भी बाधित हो गई। इसके बावजूद पराशर की टीम ने कड़ोआ पंचायत के पलाटा गांव की एक बुजुर्ग महिला की सांसों की डोर बांधे रखी। शनिवार सायं तक बुजुर्ग महिला के स्वास्थ्य में सुधार देखा गया।

पलाटा गांव राजकुमार ने टीम के वालंटियर संदीप शर्मा को फोन कर बताया कि उनकी 89 वर्षीय माता स्वर्णा देवी को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। वे उसे डाडासीबा अस्पताल भी लेकर गए थे और रात को वापस घर ले आए, क्योंकि यहां पर आक्सीजन कंसंट्रेटर नहीं बचा था। गरली में ठीक हो चुके मरीज से आक्सीजन कंसंट्रेटर लाने के लिए टीम वाया लग्ग बलियाणा रवाना हुई। आधे रास्ते में पहुंचे तो पेड़ गिरने से आवाजाही बंद दी। इसके बाद टीम गरली पहुंची और वाया बीहण होते हुए कड़ोआ के लिए रवाना हुई। यहां पर भी रास्ते में पेड़ गिरे थे। किसी तरह टीम पलाटा गांव पहुंची। बिजली बंद होने के कारण टीम ने जेनरेटर मंगवाकर आक्सीजन कंसंट्रेटर चलाया। पहले बुजुर्ग महिला का आक्सीजन लेवल 77 था, जो मशीन लगाने के बाद 90 तक पहुंच गया। संजय पराशर ने बताया कि आक्सीजन कंसंट्रेटर की व्यवस्था क्षेत्र के मरीजों के लिए 24 घंटे की जा रही है। टीम को लगातार इस तरह के काम करने के लिए कहा गया है।

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