शिमला/धर्मशाला, जेएनएन। Earthquake in Himachal Pradesh, हिमाचल प्रदेश में मंगलवार दोपहर भूकंप के झटके महसूस किए गए। मौसम विभाग की जानकारी के अनुसार भूकंप का केंद्र शिमला से उत्तर पूर्व दिशा में 53 किलोमीटर दूर था। इसकी डेप्थ 5 किलोमीटर थी। वहीं लॉंगिट्यूड 77.5 और लेटिट्यूड 31.5 रहा। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 2.9 मापी गई। कम तीव्रता होने से लोगों को भूकंप का अधिक अहसास नहीं हुआ। दोपहर 12.48 पर भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। जिन लोगों को झटके महसूस किए गए व सहम गए। कुछ लोग घरों व कार्यालयों से बाहर आ गए, उन्‍हें डर सताता रहा कि कहीं दोबारा बड़ा झटका न आ जाए। काफी देर तक लोग दहशत में रहे।

भूकंप की तीव्रता कम हाने की वजह से जान माल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। इससे पहले शिमला में पिछले महीने 6 जनवरी को भूकंप के झटके महसूस हुए थे। उस समय भूकंप की तीव्रता 3.6 आंकी गई थी। इससे पहले तीन जनवरी को प्रदेश के जनजातीय जिला लाहुल स्पीति में लगातार भूकंप के झटके लगे थे। साफ मौसम के बीच लगातार डोल रही धरती से क्षेत्र में हिमखंड गिरने का खतरा बन गया था।

इससे अलावा बीते वर्ष अक्‍टूबर से लेकर दिसंबर तक कांगड़ा और चंबा में लगातार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इस कारण लोग काफी दहशत में रहे थे। जिला कांगड़ा का अधिकतर भाग भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील है। यहां 1905 में भी बड़ा भूकंप आ चुका है, जिसमें कांगड़ा नगर समेत जिले का अधिकतर इलाका तबाह हो गया था। इस त्रासदी में हजारों लोगों ने अपनी जान गंवाई दी। यहां तक कि माता बज्रेश्‍वरी देवी का मंदिर भी खंडित हो गया था। इस भूकंप के बारे में लोगों ने पूर्वजों से सुना है व आज भी लोग इसकी तस्‍वीरें देखकर सहम जाते हैं।

Posted By: Rajesh Sharma

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