शिमला,राज्य ब्यूरो। हिमाचल सरकार ने पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन पालिसी लागू कर दी है। इस संबंध में वीरवार को अधिसूचना जारी की गई। इलेक्ट्रिक वाहन पालिसी में दो प्रकार के प्रोत्साहन दिए जाएंगे। इलेक्ट्रिक वाहन की खरीद पर प्रोत्साहन देने के साथ शुल्क व कर में छूट मिलेगी। वहीं, इलेक्ट्रिक वाहन बनाने से संबंधित उद्योगों के लिए औद्योगिक नीति के अनुसार प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। चार्जिंग स्टेशन लगाने पर भी प्रोत्साहन राशि का प्रविधान है।

इलेक्ट्रिक वाहन पालिसी पांच वर्ष के लिए लागू की गई है। इलेक्ट्रिक वाहन पालिसी में पेट्रोल व डीजल से चलने वाले सरकारी वाहनों के स्थान पर इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रयोग होगा। शिमला, बद्दी, धर्मशाला व मंडी को ग्रीन जोन बनाने का प्रविधान है जहां इलेक्ट्रिक वाहन ही चलेंगे। इसके लिए हर किलोमीटर पर चार्जिंग स्टेशन का प्रविधान करने की व्यवस्था है। राज्य वाणिज्यिक कर वार्षिक परमिट शुल्क माफ करेगा और यह सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार इलेक्ट्रिक वाहन पर लागू होगा। हिमाचल पथ परिवहन निगम 75 इलेक्ट्रिक बसें चला रहा है। इनकी संख्या को बढ़ाने का प्रविधान है। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सार्वजनिक व निजी चार्जिंग स्टेशन का बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा ताकि इनके निर्माता राज्य में अपनी विनिर्माण इकाई स्थापित करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन इकाइयां लगाएं।

इलेक्ट्रिक वाहन पालिसी में प्रविधान

-2025 तक 15 प्रतिशत वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहन में बदलना।

-5 वर्ष में 50 हजार दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन लाना।

-500 चौपहिया इलेक्ट्रिक वाहन लाना।

पुलिस को 447 वाहनों की नीलामी से 81.61 लाख रुपये आय

हिमाचल पुलिस को जिलों में आपराधिक मामलों में बरामद वाहनों और लावारिस व जब्त किए गए 447 वाहनों की नीलामी कर 81.61 लाख रुपये आय हुई है। पुलिस थानों के आसपास कबाड़ बन गए वाहनों के हटने से सड़क हादसों से छुटकारा मिलने के साथ थानों के आसपास के हालात भी बेहतर हुए हैं। नीलामी से प्राप्त राशि को सरकारी खजाने में जमा किया गया है।

हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय के निर्देश के तहत जनवरी 2021 से 14 जनवरी 2022 तक पुलिस थानों में 8,803 जब्त वाहन थे। इन वाहनों में से 5338 वाहनों के मामलों का कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए निपटारा किया गया है। वाहनों को उनके मालिकों के हवाले किया गया। पुलिस लावारिस वाहनों को कब्जे में लेती है। इसके अलावा चोरी या संदिग्ध परिस्थिति में पाए जाने वाले वाहनों को भी जब्त किया जाता है।

Edited By: Neeraj Kumar Azad