संवाद सहयोगी, पालमपुर : दो बार के मंडल अध्यक्ष और जिला के महामंत्री ही मर्यादा तोड़ें तो पार्टी को नुकसान होना लाजिमी था। नगर निगम चुनाव में पार्टी की हार के बाद अनुशासनहीन, निष्कासित, बागी और दागी लोगों से भाजपा को ज्ञान की जरूरत नहीं है। यह बात भाजयुमो प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं नगर निगम पालमपुर के वार्ड चार से प्रत्याशी नरेंद्र राणा ने रविवार को जारी प्रेस बयान में कही।

उन्होंने कहा कि चुनाव में जिनकी जमानत जब्त हुई है वे टिकट आवंटन पर सवाल उठाएं तो यह उन्हें शोभा नहीं देता है। बकौल राणा, बगावत को रोकने के जिम्मेदार स्वयं ही बागी हो जाएं तो यह पार्टी का दुर्भाग्य है। नरेंद्र राणा ने कहा कि भाजपा में कभी विधायक की टिकट का दावा करने वाले निगम चुनाव में जमानत भी नहीं बचा सके। उन्होंने कहा कि अपने सहयोगी को अपने बूथ से मात्र 21 वोट दिलवाने वालों को भाजपा पर अंगुली उठाने से पहले ही अपनी लोकप्रियता का पता चल गया। कहा कि 2022 का विधानसभा चुनाव कौन कहां से लड़ेगा, यह पार्टी हाईकमान तय करता है और हाईकमान के खिलाफ बयानबाजी सहन नहीं होगी। भारतीय जनता युवा मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य ने कहा कि जिनके घर शीशे के होते हैं वे दूसरों पर अंगुली न उठाएं। उन्होंने पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष से सवाल किया है कि 2017 के विधानसभा चुनाव का हिसाब भी भाजपा मंडल व जनता को दें। नरेंद्र राणा ने विश्वास जताया कि हर बार विश्वासघात करने वालों के बाहर जाने से अब पार्टी नए रूप में एकजुट होकर अगला चुनाव जरूर जीतेगी।

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