धर्मशाला/जालंधर, जेएनएन। गेटमैन चिल्लाता रह गया, लेकिन मां ने एकदम झाड़ियों से निकलकर बारह साल की बेटी के साथ सोढल फाटक पर चलती ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। घटना शनिवार सुबह पौने सात बजे की है। उसके बाद मृतका का पति घर में नहीं मिला, जबकि महिला के मायके वालों ने किसी पर संदेह नहीं जताया और उसके दिमागी परेशान होने की बात कही। महिला हिमाचल के कांगड़ा जिले के थाना देहरा गोपीपुर के अधीन आते गांव डाडासीबा की रहने वाली थी।

जीआरपी के एसएचओ धर्मेंद्र कल्याण ने बताया कि महिला की पहचान रमन बाला पत्नी अशोक कुमार निवासी संतोषी नगर मंदिर वाली गली के रूप हुई है। उसके साथ उसकी बेटी हर्षिता थी, जो सरकारी स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ती थी। एएसआइ करनैल सिंह ने कहा कि रमन का पति अशोक कुमार क्लीनिक चलाता है। रमन के पिता शेर सिंह ने कहा कि उनकी बेटी दिमागी तौर पर परेशान रहती थी, जिसका इलाज भी चल रहा था। उसका सोलह साल का बेटा आदित्य अपने ननिहाल में रहता है।

सवालों के घेरे में जीआरपी की कार्रवाई

40 साल की रमन के बेटी समेत खुदकुशी करने के मामले में जीआरपी ने भले ही उसके पिता के बयान पर कार्रवाई कर दी, लेकिन अभी भी कई सवाल अनसुलङो हैं। पूरी कार्रवाई के दौरान न तो उसका पति या ससुराल का कोई व्यक्ति पुलिस के पास आया और न ही जीआरपी ने उनके आने का इंतजार किया। सवाल यह भी है कि महिला का पति घर से गायब क्यों हुआ? मोहल्ले वाले भी मामले में घरेलू कलह समेत अलग-अलग बातें कर रहे हैं।

पहली बार रोकी थी, दूसरी बार झाड़ियों से निकल लगाई छलांग

सोढल फाटक पर तैनात गेटमैन अशोक कुमार ने कहा कि महिला अपनी बेटी के साथ सुबह ही अड्डा टांडा फाटक पर पहुंच गई थी। उस वक्त चंडीगढ़-अमृतसर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के आने का समय था। सुबह करीब छह बजे वहां गेटमैन ने दोनों को ट्रैक के करीब देखा तो वहां से हटा दिया। इसके बाद वह थोड़ा आगे सोढल फाटक के पास आ गई। यहां वह रेलवे ट्रैक के साथ बनी झाड़ियों में छुप गई। करीब छह बजकर चालीस मिनट पर जैसे ही देहरादून-अमृतसर एक्सप्रेस पहुंची तो उसे देखते ही वह तुरंत बेटी समेत झाड़ियों से बाहर निकलकर ट्रैक पर आ गई।

Posted By: Rajesh Sharma

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