मुनीष गारिया, धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयू) के जदरांगल में स्थायी परिसर निर्माण का विवाद अब शांत हो जाएगा। प्रस्तावित भूमि में निर्माण के लिए जियोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया की टीम ने प्रारंभिक रिपोर्ट में स्वीकृति दे दी है। जदरांगल में सीयू परिसर निर्माण के लिए प्रस्तावित 75 में से 63 हेक्टेयर भूमि निर्माण के लिए उपयुक्त बताई गई है। टीम ने 12 हेक्टेयर भूमि में निर्माण कार्य न करने की सुझाव दिया है।

दो माह पहले हिमाचल प्रदेश जियोलोजिकल सर्वे की टीम ने जदरांगल की भूमि का सर्वे किया था और इसे निर्माण के लिए उपयुक्त नहीं बताया था। टीम ने रिपोर्ट बनाकर केंद्रीय सर्वे टीम को भेजी थी। इस रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन व सीयू प्रशासन ने सकोह व सराह में भी भूमि की तलाश की थी, लेकिन उपयुक्त भूमि नहीं मिली थी।

25 से 28 सितंबर तक कोलकाता की जियोलोजिकल सर्वे आफ इंडिया की टीम ने जदरांगल की भूमि का सर्वे किया था। टीम ने जिला प्रशासन को सर्वे की प्रारंभिक रिपोर्ट भेज दी है। इसमें 63 हेक्टेयर भूमि को सीयू निर्माण के लिए उपयुक्त बताया है।

राज्य सर्वे टीम की रिपोर्ट का हुआ था विरोध

स्टेट सर्वे टीम की रिपोर्ट का धर्मशाला व जदरांगल के लोगों और समाजसेवी संस्थाओं ने विरोध किया था। शहर के प्रबुद्ध लोग जियोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया की टीम से भी मिले थे। कुछ लोगों ने रिपोर्ट के विरोध व धर्मशाला में सीयू निर्माण के लिए शहर में एक हजार झंडे लगाकर सांकेतिक आंदोलन किया था। विकास खंड धर्मशाला की 10 पंचायतों के प्रतिनिधियों व लोगों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर यहां सीयू परिसर के निर्माण के लिए आवाज बुलंद की थी।

जियोलोजिकल सर्वे आफ इंडिया की टीम की प्रारंभिक रिपोर्ट प्रशासन के पास पहुंच गई है। इसमें जदरांगल में 63 हेक्टेयर भूमि को निर्माण के लिए उपयुक्त बताया है। इसके लिए सीयू प्रशासन व प्रदेश सरकार से भी बातचीत होगी।

-डा. निपुण जिंदल, उपायुक्त कांगड़ा

Edited By: Vijay Bhushan