धर्मशाला, जेएनएन। कोरोना वायरस के खिलाफ एक ओर पूरा विश्व लड़ रहा है। वहीं जोनल अस्पताल धर्मशाला के कोरोना योद्धा अस्पताल प्रबंधन की अव्यवस्थाओं के चलते हारने लगे हैं। क्षेत्रीय चिकित्सालय धर्मशाला के आइसोलेशन वार्ड में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मंगलवार को उपायुक्त कांगड़ा राकेश प्रजापति के पास पहुंचे। अस्पताल कर्मी विनोद कुमार, कमलदीप, अनिल कुमार, सुरेंद्र पाल, अजय शर्मा, विजय कुमार, मुनीष व अनूप ने उपायुक्त कांगड़ा के समक्ष अपनी बात रखते हुए कहा अस्पताल में उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है और सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें कुछ नहीं नहीं दिया जा रहा है।

आइसोलशेन वार्ड में रखे लोगों को भोजन देने सहित अन्य कामों के लिए भेजा जाता है, लेकिन पीपीई किट नहीं दी जा रही है। उसके स्थान पर ऑपरेशन थियेटर वाला गाउन थमा दिया जाता है। ऐसे में उनकी सुरक्षा का कोई प्रबंध नहीं है।

उन्होंने कहा पांच अप्रैल को उनके एक साथी की नाइट डयूटी थी। रात को डयूटी पर तैनात वार्ड सिस्टर ने उन्हें बिना पीपीई किट के वार्ड में जाने को कहा। उस समय वार्ड में एक कोरोना पाॅजीटिव मरीज भी था, जिसे अभी तक टांडा रेफर नहीं किया गया था। जब कर्मचारी ने बिना किट जाने से इनकार किया तो वार्ड सिस्टर ने फोन करके उसकी अनुस्थिति दर्ज करवा दी।

छह अप्रैल सोमवार सुबह उक्त व्यक्ति ने मजबूरन आइसोलेशन वार्ड में रखे मरीजों को बिना किट पहने खाना बांटा। इन सब अव्यवस्थाओं के बीच नौकरी करना मुश्किल हो गया है।

उधर उपायुक्त कांगड़ा राकेश प्रजापति ने बताया इस संबंध में अस्पताल प्रशासन से बात करके उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा।

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