धर्मशाला, जेएनएन। जयराम सरकार के कार्यकाल में नगर निगम धर्मशाला भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। घर-द्वार लोगों को बेहतरीन सुविधाएं मिलें व दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े, इसी सोच के साथ पूर्व कांग्रेस सरकार में नगर निगम धर्मशाला का गठन किया था। निगम के गठन के बाद कांग्रेस सरकार ने इस ओर कदम भी उठाए एवं विकास कार्य भी शुरू किया, लेकिन लेकिन भाजपा के सत्ता में आने के बाद नगर निगम धर्मशाला में विकास कार्य ठप हो गए हैं। ये आरोप मंगलवार को जारी प्रेस बयान में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने लगाए हैं। आरोप लगाया कि कर्मचारियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि लोगों के काम पैसे लेकर होने लगे हैं। नगर निगम में जनप्रतिनिधि जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाए और न ही शहर में कोई बड़ा काम नहीं कर पाए।

कहा कि धर्मशाला के लोग शिकायतें लेकर आ रहे हैं कि नगर निगम में कुछ नहीं हो रहा व जनप्रतिनिधि भी कोई काम नहीं कर रहे हैं। सुधीर शर्मा ने कहा कि नगर निगम में किसी बड़े नेता के इशारे पर रिश्वत का खेल चल रहा है। नगर निगम में बड़े ठेकेदार विकास कार्यों के ठेके ले रहे हैं। ङ्क्षचतनीय बात है कि ठेकेदार काम लेने के बाद खुद काम नहीं कर रहे बल्कि निगम आयुक्त से लेकर काम को सबलेट कर दे रहे हैं। इससे धर्मशाला में हो रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता बहुत ज्यादा गिर गई है। आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री बताएं कि नगर निगम में कमीशन और रिश्वतखोरी का खेल कैसे चल रहा है व नगर निगम में रिश्वतकांड की जांच के ढीले पडऩे के पीछे किसका हाथ है।

Posted By: Rajesh Sharma

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