मुनीष गारिया, धर्मशाला

अव्यवस्था और कोताही से प्रदेश में हर भर्ती परीक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में मेहनत कर परीक्षा देने पहुंच रहे अभ्यर्थियों के भविष्य से भी खिलवाड़ हो रहा है। कांगड़ा जिले में पिछले वर्ष भी पुलिस और पटवारी भर्ती लिखित परीक्षा को लेकर विवाद हुआ था। विवाद क्या पुलिस भर्ती में तो अंतरराज्यीय स्तर का फर्जीवाड़ा ही हो गया। अभी इन दोनों भर्तियों के विवाद का दाग जिला कांगड़ा के दामन से मिटा ही नहीं था कि अब कंडक्टर भर्ती लिखित परीक्षा का पेपर लीक हो गया है। परीक्षा शुरू होने के 22 मिनट के भीतर ही प्रश्नपत्र लीक हो गया था।

रविवार को उपमंडल शाहपुर के एक निजी संस्थान के अभ्यर्थी ने परीक्षा के दौरान ही पेपर लीक कर दिया। केंद्र में तैनात स्टाफ की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगे हैं। इसका स्पष्ट कारण यह है कि जब परीक्षा केंद्र में कोई भी इलेक्ट्रानिक उपकरण नहीं ले जा सकता तो अभ्यर्थी मोबाइल फोन लेकर ही कैसे पहुंच गया। अभ्यर्थी का फोन आन था। उसने बाकायदा प्रश्नपत्र के फोटो खींचकर वाट्सएप पर वायरल भी कर दिया। इतना सब कुछ करने के बाद भी केंद्र में तैनात स्टाफ को इस बात का पता तब चला जब लीक हुआ प्रश्नपत्र विभिन्न सोशल मीडिया साइटों पर वायरल होने लगा। बात यहीं तक नहीं थमी। केंद्र प्रशासन ने तो जहां तक हो पाया मामले को दबाकर रखने का ही प्रयास किया।

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केंद्र में जैमर और न ही मेटल डिटेक्टर की सुविधा

प्रदेश पुलिस भर्ती फर्जीवाड़े के बाद दावा किया गया था कि भर्ती लिखित परीक्षाओं में मेटल डिटेक्टर और जैमर की व्यवस्था अनिवार्य की जाएगी, ताकि परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़े व पेपर लीक होने जैसी घटनाओं को रोका जा सके। चितनीय बात है कि कंडक्टर भर्ती लिखित परीक्षा के इस केंद्र में न तो मेटल डिटेक्टर लगाए गए थे और न ही जैमर।

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नौ पन्नों में थे सामान्य ज्ञान के 59 प्रश्न

अभ्यर्थी एवं आरोपित मनोज ने अपने प्रश्नपत्र के नौ पन्ने वायरल किए थे। इन पन्नों में प्रश्न नंबर 63 से 122 तक कुल 59 प्रश्न थे। ये सभी प्रश्न हिमाचल, भारत व विश्व सामान्य ज्ञान और कुछ प्रश्न विज्ञान सामान्य ज्ञान के थे।

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पहले सामने आए मामले

पुलिस भर्ती फर्जीवाड़ा

11 अगस्त, 2019 को पुलिस भर्ती लिखित परीक्षा के लिए कांगड़ा जिले के अभ्यर्थियों के लिए सत्संग भवन परौर में केंद्र बनाया था। इस दौरान सीआइडी व पुलिस की टीम ने चार युवकों को दूसरे का पेपर देते हुए रंगेहाथ पकड़ा था। साथ ही दो युवकों को इलेक्ट्रानिक उपकरणों के साथ परीक्षा देते हुए गिरफ्तार किया था। इस वजह से यह भर्ती परीक्षा रद करनी पड़ी थी। इसके लिए दोबारा 20 सितंबर 2019 को परीक्षा ली गई थी। इस मामले में गिरफ्तार युवकों से पूछताछ में जवाली निवासी विक्रम चौधरी का नाम सामने आया था। पुलिस ने विक्रम को पुलिस भर्ती फर्जीवाड़े का मुख्य आरोपित घोषित किया था। इस फर्जीवाड़े में अन्य राज्यों से भी कई आरोपित गिरफ्तार किए थे, जो कि बतौर सोल्वर परीक्षा देने बैठे थे। मामले में 44 गिरफ्तारियां हुई थीं। यही यहीं मामले के कुछ पुलिस जवान भी गिरफ्तार हुए थे, जिन पर फर्जीवाड़े में भर्ती होने का आरोप हैं।

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पटवारी भर्ती परीक्षा

17 नवंबर, 2019 हिमाचल प्रदेश में पटवारियों के 1194 पदों के लिए हुई लिखित परीक्षा के दौरान धीरा में स्थित केंद्र में बवाल हो गया था। परीक्षार्थी देरी से प्रश्नपत्र देने का आरोप लगाकर बाहर आ गए थे। अभ्यर्थियों ने केंद्र में आंसरशीट ही फाड़ दी थी। इसके अलावा अभ्यर्थियों को जारी हुए एडमिट कार्ड में गलत जानकारियां अंकित कर दी थीं। इस कारण अभ्यर्थियों को केंद्र में पहुंचने में परेशानी हुई थी।

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