नवनीत शर्मा, धर्मशाला। उपचुनाव की सरगर्मियों के बीच इन्वेस्टर मीट की तैयारियां भी हैं... फिर दो साल का जश्न भी होगा...। हर ओर से आते तीखे सवालों के जवाब में कुछ पल ऐसे निकले कि मुख्यमंत्री के पास हर प्रश्न का जवाब था। संगठन में उथल पुथल कुछ पल के लिए थी। भाजपा सरकार अच्छा काम कर रही है। मंत्रिमंडल में विस्तार के साथ बदलाव भी संभव है। इसके लिए मंत्रियों की कार्यप्रणाली को भी देखा जा रहा है। उनके कार्यों की समीक्षा हो रही है। धर्मशाला में इन्वेस्टर मीट से पहले या बाद में हाईकमान से चर्चा के बाद मंत्रिमंडल में विस्तार के साथ बदलाव होगा। पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के कार्यों को लेकर चार्जशीट पर सरकार गंभीर है। चार्जशीट पर कार्रवाई राजनीतिक द्वेष की भावना से नहीं बल्कि आरोपों की सत्यता और मुद्दों की गंभीरता के आधार पर होगी। यह कहना है मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का। हिमाचल में भाजपा सरकार के लगभग दो वर्ष के कार्यकाल, धर्मशाला व पच्छाद में उपचुनाव, इन्वेस्टर मीट व अन्य ज्वलंत मुद्दों पर दैनिक जागरण के राज्य संपादक नवनीत शर्मा ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से बातचीत की। प्रस्तुत हैं प्रमुख अंश...

आप इन्वेस्टर मीट की तैयारियों में जुटे हैं जबकि कांग्रेस कहती है कि वह हिमाचल फॉर सेल नहीं होने देगी...आप इसे किस तरह देख रहे हैं?

मुस्कराते हुए...कहीं हिमाचल फॉर सेल नहीं हो रहा है। असल बात यह है कि कांग्रेस के पास कोई विजन नहीं है। उनका यह हाल है कि जब कोई आगे बढ़ता है तो दूसरे को आत्मग्लानि महसूस होती है। ये आरोपों के पीछे कांग्रेस नहीं, उनकी ग्लानि है कि 'हम ऐसा क्यों नहीं कर सके। उन्हें सोचना चाहिए कि प्रदेश के आर्थिक संसाधनों को बढ़ाने के लिए कांग्रेस को भी कई मौके मिले तो क्यों पार्टी इससे पीछे रही? जब हम इतना बड़ा आयोजन करने जा रहे हैं कांग्रेस को हिमाचल फॉर सेल की याद आ रही है। हालात ये हैं कि देश के जिन गिने चुने राज्यों में कांग्रेस की सरकारें हैं, वे भी सोच रही हैं कि कुछ नया किया जाए। प्रदेश कांग्रेस के इस सवाल का कोई औचित्य नहीं है। इन्वेस्टर मीट के लिए 75 हजार करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। प्रदेश में पर्यटन व बागवानी के साथ अन्य क्षेत्रों में विकास की संभावनाएं हैं। सरकार समग्र और सार्वभौमिक निवेश की बात कर रही है।

आपको नहीं लगता कि मंत्रिमंडल विस्तार अब समय की मांग है? क्या सोचते हैं?

निसंदेह मंत्रिमंडल विस्तार तो होगा ही... लेकिन आप देखिएगा कि बदलाव भी होगा। सरकार मंत्रियों के कार्यों की समीक्षा भी कर रही है। कार्यशैली, जनता की फीडबैक और रणनीतिक संतुलन के मद्देनजर जहां जरूरत पड़ेगी, वहां मंत्रियों के विभागों को बदला जा सकता है। इस संबंध में पार्टी हाईकमान से एक दौर की चर्चा कर ली है। समय मिला तो इन्वेस्टर मीट से पहले अन्यथा उसके बाद मंत्रिमंडल विस्तार व विभागों में बदलाव निश्चित है। नेतृत्व से हरी झंडी मिलते ही इस ओर कदम उठाया जाएगा।

पच्छाद और धर्मशाला में उपचुनाव है...इस बीच जातिवाद और क्षेत्रवाद को हमने मुखर होते देखा...नाराजगी भी हुई, कुछ आजाद हो गए...क्या कहेंगे आप?

जातिवाद और क्षेत्रवाद के खिलाफ ही तो मेरी जंग है। पहले इन सब चीजों का जिक्र नहीं होता था। अब अन्य प्रदेशों से कुछ चीजें इधर आ रही हैं। फिर भी अन्य राज्यों के मुकाबले जातिवाद व क्षेत्रवाद का नारा हिमाचल में बहुत कम है। लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का हक है लेकिन टिकट न मिलने पर पार्टी नहीं छोडऩी चाहिए। किसी भी व्यक्ति की सोच को बदला नहीं जा सकता है। उपचुनाव में दोनों विधानसभा क्षेत्रों में अच्छे प्रत्याशी भाजपा ने उतारे हैं। मुझे खुशी यह है कि सभी ने इन चेहरों को स्वीकारा है। भाजपा विकास को लेकर चुनाव मैदान में उतरी है। लोकसभा चुनाव में भाजपा को बड़ी जीत मिली थी। उपचुनाव में भी भाजपा जीत का सफर जारी रखेगी।

भाजपा सरकार को प्रदेश में दो वर्ष पूरे होने को हैं। इस कार्यकाल की उपलब्धियों को किस तरह देखते हैं?

सरकार बनते ही कुछ निर्णय प्रदेश हित में लिए गए। एक सकारात्मक माहौल भी प्रदेश में सरकार के साथ बना। जनमंच से सरकार लोगों के घर-द्वार तक पहुंची। लोगों की समस्याएं सरकार तक सीधे पहुंचें, इसके लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू की गई। कई समस्याएं सरकार के समक्ष आईं जिन्हें हल किया गया। इन्वेस्टर मीट के बाद मैं स्वयं हेल्पलाइन में आने वाली समस्याओं की समीक्षा करूंगा। देखूंगा कि अधिकारी समस्याओं को लेकर क्या कदम उठा रहे हैं। अगर समस्याएं हल न होने की कहीं अधिकारी स्तर पर कोताही सामने आई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। हिमकेयर व सहारा योजना से भी लोगों को लाभ मिला है। सरकार द्वारा प्रदेश में चीजों को सरल बनाने की कोशिश की गई है। भाजपा सरकार अपने इसी उद्देश्य को लेकर आगे बढ़ रही है।

हर पार्टी विपक्ष में रहते हुए चार्जशीट बनाती है। लेकिन सरकार बनते ही चार्जशीट गायब हो जाती है...भाजपा के विजन डॉक्यूमेंट में चार्जशीट का भी जिक्र था। कोई प्रगति है?

देखिए... चार्जशीट तैयार होती है। लेकिन मैं इस हक में हूं कि उन्हीं आरोपों पर बात की जाए जो संगीन हों, उन मुद्दों पर बात हो जो संजीदा हों...। विभिन्न विभागों से जानकारियां मांगी गई हैं। सरकार इस मामले में किसी जल्दबाजी में नहीं है। कई विषय ऐसे हैं जो चार्जशीट में शामिल नहीं थे लेकिन हम जांच कर रहे हैं। पूर्व सरकार के कार्यों की समीक्षा भी जारी है।

नशे की समस्या और अपराध की दर को देखते हुए कांगड़ा के नूरपुर को पुलिस जिला बनाने की योजना भी थी, उसका क्या हुआ?

कांगड़ा यकीनन बड़ा जिला है। इसमें नूरपुर को पुलिस जिला बनाने की मांग भी उठती रही है। इसे लेकर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। सभी पहलुओं को देखते हुए इसकी रिपोर्ट सरकार ने मंगवाई है। जहां तक प्रदेश में नशे के कारोबार की बात है, सरकार इस दिशा में गंभीर है। प्रदेश ने अन्य कुछ राज्यों के साथ मिलकर नशे पर चोट करने के लिए रणनीति के तहत पड़ोसी राज्यों के साथ काम शुरू किया है। नशीले पदार्थों का कारोबार पूरी तरह खत्म करने के लिए अभी ओर काम करने की जरूरत है।

जयराम ठाकुर की ताकत कहां से आती है?

देखिए... लगभग दो वर्ष में प्रदेश में विकास के लिए काम किया जो सबके सामने है। सरकार के काम में लोग भी सहयोग देते हैं। सबके लिए उपलब्ध हूं... सबके साथ हूं... निजी द्वेष की राजनीति नहीं करता। इससे हिम्मत व हौसला बढ़ता है। सबसे बड़ी बात यह कि नेतृत्व का सहयोग भी हमेशा साथ रहता है। जब यह सब कुछ आपके साथ हो तो पीछे नहीं रहने का कोई मतलब ही नहीं रह जाता है। मुझे जो भी सलाह देता है, मैं गौर से सुनता हूं और काम की चीज निकाल लेता हूं। सुझाव देने का अधिकार सभी को है लेकिन उन पर अमल करना यह आप पर निर्भर करता है। 

एचपीसीए को अध्यक्ष मिल गया है। बाकी संघ भी सक्रिय हों, खेल नीति आए इस तरफ क्या प्रयास जारी हैं?

सरकार प्रदेश में नई खेल नीति पर विचार कर रही है। खेल नीति को लेकर कुछ विचार भी सामने आए हैं जिस पर अन्य राज्यों से भी चर्चा की गई है। हरियाणा काफी आगे बढ़ा है। हमारा प्रदेश भी खेलों के क्षेत्र के आगे बढ़ रहा है लेकिन अभी तक इस दिशा में और काम करने की जरूरत है। सरकार विभिन्न खेलों के उत्थान को लेकर कदम उठा रही है। उभरते खिलाडिय़ों को भी मौका दिया जा रहा है। आशा है कि प्रदेश में नई खेल नीति शीघ्र होगी जिसका लाभ खेलों के प्रोत्साहन के साथ खिलाडिय़ों को भी होगा।

संगठन में कुछ समय से कुछ बातें भी उठीं... क्या अब सब नियंत्रण में है?

भाजपा एक बड़ी पार्टी है लेकिन इसके अंदर आपसी उलझाव के मसले कहीं बड़े नहीं हैं। कहीं कुछ मनमुटाव हुआ होगा तो उसे आपस में बैठकर समाप्त कर लिया गया है। संगठन का नया ढांचा अब शीघ्र बनने वाला है। कई नए चेहरे भी संगठन के ओहदों पर सामने होंगे। पार्टी एकजुटता के साथ आगे बढ़ रही है। वहीं, अगर आप कांग्रेस के हालात देखें तो पार्टी पूरी तरह बिखराव की स्थिति में है। कांग्रेस के नेता आपस में उलझे हुए हैं। भाजपा में ऐसा कुछ नहीं है। यह अनुशासित पार्टी है। 

प्रदेश की वित्तीय स्थिति को लेकर कई  प्रश्नचिह्न सरकार पर हैं। क्या कहेंगे?

पूर्व कांग्रेस सरकार के मुकाबले हमने कम कर्ज लिया है। भाजपा सरकार की यह भी कोशिश रही है कि कहीं भी फिजूलखर्च न हो। कांग्रेस का आरोप कि भाजपा सरकार पूरी तरह कर्ज में डूबी हुई है, तथ्यहीन है। हमारे पास आंकड़े हैं कि भाजपा सरकार ने कांग्रेस की सरकारों के कार्यकाल से कम कर्ज लिया है।

परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर की पत्नी के ढाई लाख रुपये चंडीगढ़ में सरकारी कार से चोरी हो गए...काफी तूफान उठा है... आप क्या कहेंगे?

यह विषय मेरे ध्यान में भी आया है। जांच तो एक प्रक्रिया है जो होगी ही। सारी तथ्यात्मक रपट आएगी तो पता चलेगा लेकिन इतना जरूर है कि पता चलते ही मैंने वन मंत्री से विस्तार में बात की है। मेरी सरकार जनता की आवाज को सुनती है...। अभी इस विषय पर इतना ही कहूंगा।

इन्वेस्टर मीट से निखरेगी हिमाचल की तस्वीर

धर्मशाला में सात व आठ नवंबर को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर मीट हिमाचल के विकास के तस्वीर को निखारेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह भी इसके गवाह बनेंगे। इन्वेस्टर मीट के लिए प्रधानमंत्री व गृह मंत्री के धर्मशाला आगमन से उत्साहित जयराम इसे प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि मानते हैं।

विकास के दम पर जीतेंगे उपचुनाव

भाजपा सरकार एक विजन के साथ आगे बढ़ रही है लेकिन अभी प्रदेश में बहुत कुछ करने की जरूरत है। लोकसभा चुनाव के बाद अब उपचुनाव सामने हैं। भाजपा धर्मशाला व पच्छाद में उपचुनाव विकास के दम पर जीतेगी।

Posted By: Rajesh Sharma

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