पालमपुर, जेएनएन। मुख्‍यमंत्री जयराम ठाकुर मंगलवार सुबह कार्यक्रम तय न होने के बावजूद वरिष्‍ठ नेता शांता कुमार से मिलने पहुंचे। लेकिन शांता कुमार के निवास एवं होटल यामिनी की लिफ्ट में फंस गए। इस दौरान शांता कुमार भी उनके साथ मौजूद थे। बताया जा रहा है ओवर वेट होने की वजह से लिफ्ट का दरवाजा ही नहीं खुल पाया। करीब पांच मिनट तक दोनों वरिष्‍ठ नेता व अन्‍य फंसे रहे। सुरक्षा जवानों ने दरवाजे को खींचकर लिफ्ट खोली, तब जाकर दोनों नेता बाहर आ पाए। दरअसल सीएम जयराम ठाकुर सोमवार को कांगड़ा जिला के दौरे पर थे, लेकिन शांता कुमार उनके कार्यक्रम में नहीं आए। ऐसे में वरिष्‍ठ नेता के न आने के कारण उनके नाराज होने की अटकलें लगाई जा रही थीं। इस पर सीएम जयराम ठाकुर मंगलवार सुबह शिमला जाने की बजाय शांता कुमार के पालमपुर स्थित निवास पर मिलने पहुंचे थे।

मुख्यमंत्री के साथ लिफ्ट में शांता कुमार, स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार, विधायक राकेश पठानिया, मुल्खराज प्रेमी और ऑफिसियल स्टाफ सदस्य भी मौजूद थे। सीढिय़ों का प्रयोग करने वाले अधिकारी और भाजपा के पदाधिकारी नीचे पहुंच गए और लिफ्ट नहीं खुली तो वहां पर हड़बड़हट का माहौल बन गया। एकदम से होटल स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर लिफ्ट को खोला और मुख्यमंत्री व अन्य वीआइपी को बाहर निकाला।

उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी यामिनी होटल में लिफ्ट बीच में रुक गई थी। उस दौरान उसमें पर्यटक फंस गए थे। जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद निकाला गया था। मंगलवार को भी लिफ्ट के रुकने पर होटल के कर्मचारियों ने त्वरित उसके दरवाजे को खोला और अंदर फंसे सभी व्यक्तियों को बाहर निकाला। बताया जा रहा है लिफ्ट में क्षमता से अधिक लोग थे, जिस कारण यह ओवरलोड हो गई और बीच में फंस गई। ऐसे में यह नीचे तो पहुंच गई लेकिन इसका दरवाजा नहीं खुला। होटल स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों ने जोर अजमाइश के बाद लिफ्ट का दरवाजा खोला। होटल भाजपा नेता शांता कुमार का ही है। जिसका प्रबंधन उनके बेटे विक्रम शर्मा देखते हैं।

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