मंडी-पठानकोट फोरलेन के काम को जल्द पूरा करे NHAI, सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद CEC ने निरीक्षण कर दिए निर्देश
सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद गठित सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (CEC) ने कांगड़ा का दौरा किया। कमेटी ने पठानकोट-मंडी ...और पढ़ें

मंडी पठानकोट फोरलेन पर किया जा रहा निर्माण कार्य। जागरण आर्काइव
HighLights
CEC ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर कांगड़ा का दौरा किया।
पठानकोट-मंडी फोरलेन परियोजना का निरीक्षण कर NHAI को निर्देश दिए।
पर्यावरण संरक्षण और लंबित कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर।
जागरण संवाददाता, धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में पर्यावरणीय असंतुलन, पारिस्थितिकी तंत्र के क्षरण और भूस्खलन की बढ़ती घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद गठित सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) ने कांगड़ा जिले का दौरा किया। कमेटी ने पठानकोट-मंडी फोरलेन परियोजना के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण कर एनएचएआइ के अधिकारियों को दिशानिर्देश दिए।
सीईसी ने फोरलेन निर्माण के दौरान पूरे हो चुके कार्यों के साथ-साथ उन हिस्सों का भी जायजा लिया, जहां अभी काम अधूरा है या किया जाना बाकी है। कमेटी ने अधिकारियों को लंबित कार्यों को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित प्रक्रिया के तहत जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जोल से कोटला तक फोरलेन के कार्य की स्थिति भी जांची। इसके अलावा परौर क्षेत्र में फोरलेन निर्माण से जुड़े कार्यों का निरीक्षण किया।
झिकली भेठ में किया निरीक्षण
दौरे का अहम हिस्सा बैजनाथ के झिकली भेठ में पौधारोपण क्षेत्र का निरीक्षण रहा। यहां फोरलेन सहित विभिन्न विकास कार्यों के पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव और उसके प्रतिपूरक उपायों की स्थिति का जायजा लिया। कमेटी ने पौधारोपण क्षेत्र में किए कार्यों की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों से जानकारी हासिल की।
सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी चिंता
हिमाचल प्रदेश में लगातार बढ़ रही भूस्खलन की घटनाओं और पर्यावरणीय क्षरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई थी। प्रदेश सरकार की ओर से प्रस्तुत पुराने आंकड़ों और जानकारियों पर भी अदालत ने नाराजगी व्यक्त करते हुए व्यापक समीक्षा के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों की अनुपालना के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी का गठन किया है।
सीईसी की टीम प्रदेश के संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी स्थिति का आकलन कर रही है। दौरे के दौरान कमेटी ने फोरलेन परियोजना के साथ पर्यावरणीय प्रबंधन से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने कमेटी के समक्ष विभाग से संबंधित कार्यों और पर्यावरणीय पहलुओं पर प्रस्तुति दी।
कमेटी ने अधिकारियों से परियोजनाओं के दौरान पर्यावरण संरक्षण और नियमों के अनुपालन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। डीसी कांगड़ा हेमराज बैरवा ने कमेटी के दौरे की पुष्टि की है।
ये हैं सीईसी के सदस्य
सेवानिवृत्त आइएफएस बीबी कुमार, पूर्व वन महानिदेशक एसएस नेगी, देहरादून के उपनिदेशक डा. शैलेंद्र सिंह, उपनिदेशक जनरल आइआरओ चंडीगढ़ राजा राम सिंह, विशेषज्ञ विज्ञानी डा. केएस कपूर, व एनआइटी हमीरपुर के एसोसिएट प्रोफेसर आरएस वांस्टू टीम के सदस्य हैं।
सीईसी की टीम ने धर्मशाला का दौरा किया है। टीम को अलग-अलग विभागों के अधिकारियों ने प्रस्तुति दी। फोरलेन का भी टीम ने दौरा किया है और इसके बाद बैजनाथ में पौधारोपण क्षेत्र का दौरा किया।
-अमित शर्मा, डीएफओ, धर्मशाला।
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