नाहन, जागरण संवाददाता। Eternal University, जिला सिरमौर की इटरनल यूनिवर्सिटी बड़ू साहिब को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की ओर से बीएससी (आनर्स) एग्रीकल्चर के लिए मान्यता हाल ही में मिली है। यह यूनिवर्सिटी अब बीएससी (आनर्स) एग्रीकल्चर के लिए छात्रों की पहली पसंद बनती जा रही है।बीएससी (आनर्स) एग्रीकल्चर चार साल का अंडरग्रेजुएट डिग्री कोर्स है, जिसमें मुख्य रूप से एग्रीकल्चरल साइंस में रिसर्च और प्रैक्टिस करवाई जाती है। जो जेनेटिक्स और पादप प्रजनन, कृषि सूक्ष्म जीव विज्ञान, मृदा विज्ञान, पादप विकृति विज्ञान आदि विषयों से संबंधित है। कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग कृषि मंत्रालय भारत सरकार के तहत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एक स्वायत्तशाषी संस्था है। भारत वर्ष में बागवानी, मात्स्यिकी और पशु विज्ञान सहित कृषि के क्षेत्र में समन्वयन, मार्गदर्शन और अनुसंधान प्रबंधन एवं शिक्षा के लिए परिषद सर्वोच्च निकाय है। ICAR मान्यता मिलने के उपरांत दूसरी यूनिवर्सिटी से छात्र माइग्रेशन करवा कर सीधे द्वितीय वर्ष में इटरनल यूनिवर्सिटी में दाखिला ले रहे हैं।

ICAR बीएससी (आनर्स) एग्रीकल्चर उन छात्रों के लिए है, जो कृषि के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती हैं। यह मान्यता एग्रीकल्चर कोर्सेज के लिए अति आवश्यक है। इटरनल यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर प्लेसमेंट्स डा. बलराज सिंह ने बताया कि देश के युवाओं के लिए कृषि कोर्स करने के बाद प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर में एक सफल करियर बनाने के लिए बेहतरीन मौके उपलब्ध होते हैं। जैसे कि फार्म मैनेजर, सायल साइंटिस्ट, एंटरोलाजिस्ट, पैथोलाजिस्ट, हार्टिकल्चरिस्ट, एग्रोनामिस्ट, मीटरोलाजिस्ट, एनिमल हस्बेंड्री स्पेशलिस्ट, एग्रीकल्चरिस्ट इंजीनियर, एग्रीकल्चर लिस्ट कंप्यूटर इंजीनियर, एग्रीकल्चरल फूड साइंटिस्ट, एग्रीकल्चर रिसर्च आफिसर, एग्रीकल्चर आफिसर, प्लांट फिजियोलाजिस्ट, सर्वे रिसर्च एग्रीकल्चर इंजीनियर, पर्यावरण नियंत्रण इंजीनियर, माइक्रोबायोलाजिस्ट, एग्रीकल्चर क्राप आफिसर, बीमधुमक्खी पालन, मत्स्य मैनेजर, बाटनिस्ट, सायल इंजीनियर, सायल और प्लांट साइंटिस्ट एवं लैब टेक्नीशियन के पद शामिल हैं।

Edited By: Virender Kumar