धर्मशाला, जेएनएन। डेढ़ माह से अधिक संसदीय क्षेत्र का चुनावी सफर। 24 घंटे में मात्र पांच घंटे का विश्राम और वही चुनावी दिनचर्या। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र का कोई ऐसा शहर, कस्बा व गांव नहीं जहां लोगों से न मिले हों। मेहनत की तो मोदी की नीतियां, जयराम ठाकुर का विकास व शांता कुमार के प्रयास रंग लाए और प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में बड़ी लीड से लोकसभा का चुनाव जीतकर खाद्य आपूर्ति मंत्री से सांसद भी बने। जीत के बाद औपचारिकताओं को निभाने के बाद सीधे रुख किया सांसद किशन कपूर ने दैनिक जागरण प्रेस परिसर की ओर। चुनावी गुफ्तगू भी हुई।

टिकट मिलने से लेकर चुनाव और उसके बाद जीत तो, अब एक नई पारी के आगाज के साथ उनके संसदीय क्षेत्र के लिए विजन को लेकर कुछ बातें भी उन्होंने साझा की। कहना साफ है कि अब सांसद बने हैं तो संसद में हर मसले को लेकर आवाज भी बुलंद होगी। जो सपने राजनीतिक गुरु शांता कुमार के थे, उन्हें पूरा किया जाएगा। साथ ही विकास की नई उड़ान भी संसदीय क्षेत्र के लिए होगी। देश में कांग्रेस को कई तरह के वाद फैलाने के लिए जिम्मेदार ठहराने वाले सांसद किशन कपूर से दैनिक जागरण से बातचीत के प्रमुख अंश :

ससंदीय क्षेत्र के लिए क्या प्राथमिकताएं तय की हैं और किन पर सबसे अधिक जोर रहेगा?

देखिए विकास और समस्याओं का कोई अंत नहीं है। जहां जरूरत होगी वहां विकास होगा और जहां समस्याएं होंगी तो उनका भी हल होगा। भाजपा ने पहले भी विकास के कई आयाम स्थापित किए हैं और समस्याओं का समाधान किया है। यह भी पहली बार है कि चाहे वह केंद्र हो या प्रदेश की भाजपा सरकार, समाज के अनछुए वर्गों को राहत दी है। वर्ष 2014 का लोकसभा चुनाव भाजपा भ्रष्टाचार के मुद्दे पर लड़ी थी और जीती भी। इन पांच वर्षों में भ्रष्टाचार पर तो लगाम लगाई ही गई, वहीं कई ऐसी योजनाएं भी शुरू की गई जिनका भाजपा के घोषणापत्र में कोई जिक्र नहीं था। कहने का मतलब यह है कि विकास तो होगा ही और नई योजनाएं भी मोदी के नेतृत्व शुरू होंगी।

चंबा के सिकरीधार सीमेंट प्लांट का मामला हर चुनाव में उछलता है और फिर ठंडे बस्ते में पड़ जाता है, ऐसा क्यों है?

प्रदेश में सीमेंट के दो बड़े कारखाने शांता कुमार की ही देन है। वर्ष 1977 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शांता कुमार ने बरमाणा में सीमेंट कारखाना स्थापित करवाया था। उसके बाद 1990 में दोबारा शांता ने ही दाड़लाघाट सीमेंट कारखाना लगवाया। प्रदेश में इस कार्यकाल के बीच कांग्रेस की ही सरकार रही लेकिन कांग्रेस के उस समय रहे दो मुख्यमंत्रियों रामलाल ठाकुर व वीरभद्र ङ्क्षसह इस ओर कोई भी कदम नहीं उठा पाए। सिकरीधार सीमेंट कारखाना शांता कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट है और इसे पूरा करवाना लक्ष्य है। इस कारखाने की स्थापना को लेकर कांग्रेस ही हमेशा से विरोध करती आई है। जब इस कारखाने को लेकर प्रोजेक्ट बनाना शुरू किया तो चंबा के ही एक बड़े नेता ने विरोध किया था।

औद्योगिक विकास के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?

औद्योगिक विकास के लिए भाजपा सरकार कदम उठा रही है। प्रदेश में  आयोजित होने वाली इन्वेस्टर मीट इस दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार यहां नए उद्योग लगाने के लिए उद्योगपतियों को आमंत्रित कर रही है और इंडस्ट्री लगाने के लिए नियमों व शर्तों में भी ढील दी जा रही है। प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए भाजपा हमेशा से आगे रही है और इसका उदाहरण पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की ओर से प्रदेश को दिया गया औद्योगिक पैकेज था। केंद्र में यूपीए सरकार के समय में इस औद्योगिक पैकेज को खत्म कर दिया गया और प्रदेश में उद्योग अपने पंख नहीं पसार सके। अगर यह औद्योगिक पैकेज खत्म नहीं होता तो आज प्रदेश में विकास की दिशा ही कुछ और होती। कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति के कारण ही आज यह दिन देखने के लिए मजबूर होना पड़ा है। अब प्रदेश में उद्योग को बढ़ावा देना भाजपा की प्राथमिकता है और केंद्रीय स्तर पर भी इसे लेकर मामला उठाया जाएगा।

क्या यह मोदी लहर ही थी कि आपने लीड के रिकॉर्ड भी तोड़े?

बेशक। मोदी लहर तो पूरे देश में ही थी। मोदी सरकार की पिछले पांच वर्ष की उपलब्धियों का लाभ तो हमें मिला है। प्रदेश में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी अपने एक वर्ष से अधिक के कार्यकाल के दौरान कई विकास के आयाम स्थापित किए। मेरे राजनीतिक गुरु शांता कुमार ने भी इस बार पूरी ताकत लगाई थी। इन सभी का फायदा भी हमें मिला। विशेष रूप से गृहिणियों के लिए शुरू की गई उज्ज्वला योजना का भी लाभ मिला। चुनावी दौर में भी यह सामने रहा कि जनसभाओं में महिलाओं की संख्या भी पुरुषों से कहीं अधिक रही और आधी आबादी ने भी भाजपा का ही साथ पूरी तरह से दिया।

संसदीय क्षेत्र में तो अधिक लेकिन अपने गृह क्षेत्र में क्यों कम रही लीड?

ऐसा नहीं है। अगर आप लोकसभा चुनाव में धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र से मिली लीड को देखें तो यह पहले से कम नहीं हुई है बल्कि बढ़ी है। धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र एक ऐसा है जहां से मतदाताओं ने एक बार से अधिक किसी भी नेता को जीत हासिल करने नहीं दी है लेकिन मेरे साथ इसके विपरीत हुआ है। मैं इस विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 1990 में पहली बार विधायक बनकर विधानसभा में पहुंचा था और उसके बाद मुझे ही इस विस क्षेत्र की जनता ने पांच बार विधायक बनाकर विधानसभा पहुंचाया है। मैं तीन बार मंत्री भी रहा हूं तो आप ऐसे नहीं मान सकते हैं कि लोकसभा चुनाव में मेरी लीड कम हुई है। यह मेरा सौभाग्य भी है कि धर्मशाला हलके की जनता ने विधानसभा ही नहीं अब लोकसभा चुनाव में भी मुझ पर विश्वास जताया है।

अनुसूचित जनजाति के लिए भाजपा का क्या रहा योगदान?

पहले एक बड़ी विचित्र स्थिति थी। विशेषकर गद्दी समुदाय के लोगों के लिए। अनुसूचित जनजाति का दर्जा केवल भरमौर में ही रहने वाले लोगों के लिए था। समुदाय एक, पहनावा एक व बोली एक तो फिर क्यों दर्जा देने में भेदभाव। लेकिन कांग्रेस ने यह भेदभाव गद्दी समुदाय के लोगों के साथ किया और उन्हें अधिकारों से वंचित रखा। शांता कुमार ने यह मामला केंद्र में उठाया और कांगड़ा व चंबा ही नहीं प्रदेश के कोने-कोने में रहने वाले सभी गद्दी समुदाय के लोगों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिलवाया। यही नहीं गुज्जर समुदाय के लोगों को भी यह दर्जा दिया है। इसमें केवल हिंदू ही नहीं बल्कि मुस्लिम गुज्जरों को भी अनुसूचित जनजाति का दर्जा भाजपा ने दिलवाया।

हवाई सेवा विस्तार व नई सेवाओं के लिए क्या करेंगे?

कांगड़ा हवाई अड्डा के विस्तार के लिए केंद्रीय स्तर पर टीम ने दौरा किया है। निश्चित रूप से विस्तार की संभावनाएं हैं। एयरपोर्ट के विस्तार के लिए कदम उठाए जाएंगे। आपात स्थिति में किसी भी बीमार व्यक्ति को सड़क से ले जाने में महज चंडीगढ़ तक ही पांच घंटे लग जाते हैं और ऐसे में कई बार मरीज की रास्ते में मौत भी हो जाती है। इसलिए इस बात पर एक योजना बनाए जाने की जरूरत है कि कांगड़ा हवाई अड्डे से चंडीगढ़ के लिए छोटे विमान की सेवाएं शुरू हों ताकि सड़क में लगने वाले समय को बचाकर पीडि़त व्यक्ति को हवाई मार्ग से चंडीगढ़ ले जाया जा सके। इसे लेकर भी कदम उठाएं जाएंगे।

'दैनिक जागरण' के घोषणापत्र पर क्या कहेंगे?

इस बात की खुशी है कि दैनिक जागरण ने 'पत्र ही नहीं मित्र भी' की परंपरा को निभाते हुए कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से जुड़े कुछ प्रमुख मसलों को उजागर किया। राष्ट्र, प्रदेश व स्थानीय स्तर पर कुछ प्रमुख समस्याओं को इसमें उठाया है। ये कुछ प्रमुख समस्याएं ऐसी भी हैं जो कि सीधे-सीधे आमजन के साथ तो जुड़ी ही हैं, साथ ही संसदीय क्षेत्र के विकास में भी उनका विशेष योगदान होगा। चाहे बात हो हवाई अड्डा विस्तार की या फिर पैराग्लाइडिंग साइट को बढ़ावा देने की। ऐसे ही जिला चंबा के खजियार सहित सिकरीधार सीमेंट कारखाने का मसला हो इन सब पर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित कर इन्हें अमलीजामा पहनाया जाएगा।

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Posted By: Rajesh Sharma