धर्मशाला, जागरण संवाददाता। जिला ऊना के हरोली में बनाने वाले बल्क ड्रग पार्क के लिए उद्योग विभाग ने डीपीआर तैयार कर ली है। विभागीय अधिकारियों की ओर से 1923 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की गई है। इसमें एक हजार करोड़ रुपये केंद्र सरकार देगी, जिसको मंजूरी भी मिल चुकी है, जबकि 923 करोड़ रुपये केंद्र वहन करेगी। उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने शनिवार को धर्मशाला में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि बल्क ड्रग पार्क के लिए तैयार की गई डीपीआर आगामी केबिनेट की बैठक में लाई जाएगी।

बल्‍क ड्रग पार्क बनने से भारत की चीन पर निर्भरता होगी कम

इससे भी बड़ी बात ये है कि हिमाचल में बल्क ड्रग पार्क बनाने से कच्चे माल के लिए भारत की चीन पर निर्भरता कम हो जाएगी। अभी तक 95 फीसदी कच्चा माल चीन में आयात करना पड़ता था, लेकिन अब भारत एवं हिमाचल खुद कच्चा माल तैयार करेगा। जैसे ही यह पार्क शुरू होगा तो नई उद्योग नीति के तहत प्रदेश के रोजगार के अवसर ओर अधिक बढ़ जाएगें। मुख्य तौर पर मेडिकल संकाय में कम से कम स्नातक पढ़े प्रदेश के युवा बेरोजगार नहीं मिलेंगे। इसके अलावा नालागढ़ में मेडिकल डिवाइस पार्क बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि परिवहन के क्षेत्र में अब सरकार इलेक्ट्रिकल बसों पर ध्यान दे रही है। आगामी समय में प्रदेश में बहुत सारी इलेक्ट्रिकल बसें होंगी। वहीं उन्होंने नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री पर तंस कसते हुए कहा कि वह नेता प्रतिपक्ष हैं कुछ भी बोल सकते हैं। उन्होंने तो यह तक कह दिया था कि जहां बल्क ड्रग पार्क बनाया जा रहा है वहां भालु बहुत अधिक संख्या में होते हैं। कांग्रेस वाले कुछ भी बोल सकते हैं और अपनी मर्जी से कोई भी आंकड़े पेश कर सकते हैं।

परिवहन निगम में 385 चालकों के पद भरने को दी मंजूरी

मंत्री बिक्रम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई परिवहन निगम की निदेशक मंडल की बैठक में चालकों के 385 पद भरने को स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही यह भी तय किया गया कि अगर किसी भी चालक या परिचालक की डयूटी के दौरान मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार के एक सदस्य को तीन माह में भीतर नौकरी दी जाएगी।

क्या होता है बल्क ड्रग

बल्क ड्रग, जिन्हें सक्रिय दवा सामग्री भी कहा जाता है, किसी दवा या ड्रग के प्रमुख घटक होते हैं, जो दवा या ड्रग को वांछित चिकित्सीय प्रभाव देते हैं। प्रत्येक दवा दो मुख्य अवयवों से बनी होती है। इसमें से एक अवयव है रासायनिक रूप से सक्रिय एपीआइ तथा दूसरा अवयव रासायनिक रूप से निष्क्रिय घटक होता है। यह एक ऐसा पदार्थ है जो एपीआइ के प्रभाव को शरीर के किसी हिस्से या किसी प्रणाली में पहुंचाता है। इन दोनों अवयवों को मिला कर ही किसी औषधि का फार्मूला तैयार किया जाता है। एपीआइ एक रासायनिक यौगिक है, जो किसी दवा को अंतिम रूप से उत्पादित करने के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण कच्चा माल माना जाता है।

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क्या होगा बल्क ड्रग पार्क में

हरोली क्षेत्र में बल्क ड्रग पार्क बनने से देश व विदेश के नामी घराने यहां उद्योग स्थापित करेंगे। प्राथमिक स्तर पर पांच से सात करोड़ रुपये का निवेश बड़े औद्योगिक घरानों की तरफ से किया जाएगा। पार्क में मुख्य रूप से दवाओं के लिए कच्चा माल तैयार किया जाएगा। इससे भारत की चीन समेत कई अन्य देशों पर निर्भरता समाप्त होगी। इसके अलावा छोटी औद्योगिक इकाइयों को उभरने का मौका मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर परिवहन समेत अन्य लोगों की आर्थिकी मजबूत होगी।

Edited By: Richa Rana

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