जसूर, अश्वनी शर्मा। कस्बा जसूर के दिवंगत सूबेदार जयकिशन का शुक्रवार को गरेली खड्ड स्थित श्मशानघाट में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनकी पार्थिव देह को बेटे साहिल राणा ने मुखाग्नि दी। 18 सिख रेजिमेंट धर्मशाला की टुकड़ी के सूबेदार सुखविंदर सिंह के नेतृत्व में सैनिकों ने पार्थिव देह को सलामी दी। 45 वर्षीय दिवंगत सूबेदार जयकिशन पुत्र जालम सिंह जसूर के निवासी थे और मूलत भरमौर के गोसन गांव के भी रहने वाले थे। उनके छोटे भाई नायब सूबेदार रूपलाल ने बताया जयकिशन सात मेक डोगरा रेजिमेंट में बतौर सूबेदार सेवारत थे।

दिसंबर 2018 में उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ था। जिसके चलते उनका सैन्य अस्पतालों में इलाज भी चला था और अब वह फिर से फिट हो गए थे। लंबे समय के बाद 29 मई को उन्होंने पठानकोट से सूरतगढ़ स्थित यूनिट के लिए ट्रेन पकड़ी थी लेकिन बठिंडा में ट्रेन में सफर के दौरान ही मौत हो गई। उनकी पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी सिमरन राणा एमएससी, छोटी बेटी साक्षी राणा बीटेक तथा बेटा साहिल राणा 12वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा है। शनिवार सुबह तिरंगे में लिपटी पार्थिव देह जैसे ही जसूर स्थित उनके पैतृक घर पहुंची तो हर आंख नम रही। अंतिम यात्रा शुरू हुई तो पत्नी शांति देवी ने पारंपरिक गद्दी वेषभूषा में पति को जयङ्क्षहद कहकर विदाई दी। अंतिम यात्रा में पूर्व विधायक अजय महाजन, पूर्व विधायक रणजीत बख्शी सहित काफी संख्या में लोग शामिल हुए।

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Posted By: Rajesh Sharma

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