संवाद सूत्र, जसूर : भाजपा सरकार के कार्यकाल में नूरपुर का सरकारी अस्पताल लोगों के लिए सफेद हाथी साबित हो रहा है। रेफरल के साथ अब यह अस्पताल लोगों की जान पर भी भारी पड़ने लगा है। यह आरोप जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं नूरपुर के पूर्व विधायक अजय महाजन ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान लगाए।

उन्होंने कहा कि 28 जुलाई को जवाली क्षेत्र से संबंधित प्रसूता महिला की मौत ने अस्पताल प्रबंधन पर सवालिया निशान लगा दिया है। सरकार से मांग है कि उक्त मामले में शीघ्र उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

महाजन ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने उक्त अस्पताल को लंबे समय से जोनल अस्पताल के दर्जे से नवाजा है, लेकिन न तो उस तर्ज की सुविधाएं और न ही विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ अन्य स्टाफ को पूरा किया गया है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 50 लाख का जेनरेटर उपलब्ध करवाया था, लेकिन वर्तमान में उसको चला पाने में अस्पताल प्रशासन असमर्थ हो चुका है। 10 करोड़ की लागत से मातृ शिशु अस्पताल स्वीकृत हुआ था जो कि अब तक बन जाना चाहिए था, लेकिन तीन साल बीत जाने पर एक ईंट भी नहीं लग पाई है।

उन्होंने नूरपुर के विधायक एवं वन मंत्री राकेश पठानिया को सलाह दी है कि नूरपुर अस्पताल की अव्यवस्था को सुधारने की ओर भी ध्यान दें वरना नूरपुर के अस्पताल में फैली अव्यवस्था को लेकर कांग्रेस पार्टी धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य हो जाएगी।

इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मिटू, युकां अध्यक्ष सतवीर सिंह, शहरी युकां अध्यक्ष चिराग गुप्ता, राजन शर्मा, संजीव सिंह, कपिल सिंह आदि भी मौजूद रहे।

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