यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 25, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हिमाचल में भूकंप के झटकों के बाद हिमस्खलन और भूस्खलन, लाहुल की चंद्रा घाटी में गिरा हिमखंड
Himachal Pradesh Avalanche हिमाचल प्रदेश में मंगलवार और बुधवार को चार बार भूकंप के झटकों के बाद भूस्खलन और हिमस्खलन ...और पढ़ें

मनाली, शिमला, जेएनएन। Himachal Pradesh Avalanche, हिमाचल प्रदेश में मंगलवार और बुधवार को चार बार भूकंप के झटकों के बाद भूस्खलन और हिमस्खलन की घटनाएं पेश आईं। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि जमीन में हुई हरकत के कारण यह घटनाएं हुईं। लाहुल स्पीति की चंद्रा घाटी के यांगला गांव में मंगलवार को हिमखंड गिरा। कई दिनों से मौसम साफ है और बर्फबारी भी नहीं हुई है। ऐसे में हिमखंड गिरने से सभी हैरान रहे। खिली धूप के बीच गिरे हिमखंड से किसानों के खेतों में मलबा आ गया। कुछ देर के लिए चंद्रा नदी का बहाव भी रुक गया। यांगला गांव के निवासी गोपाल ठाकुर ने हिमखंड गिरने का वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया में शेयर किया है। तेंजिन सोनम ने बताया कि उनके घर के सामने हिमखंड गिरा है, लेकिन जानी नुकसान नहीं हुआ है। प्रशासन ने अभी हिमखंड गिरने की पुष्टि नहीं की है।
उधर, बुधवार दोपहर बाद शिमला सोलन हाईवे पर भारी भूस्खलन हुआ। गनीमत रही कि यहां कोई मलबे की चपेट में नहीं आया। एनएच-पांच पर काफी देर तक वाहनों की आवाजाही ठप रही।
शिमला में भूकंप के तीन झटके आए
बुधवार सुबह शिमला में 3.6 रिक्टर स्केल का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र जमीन से दस किलोमीटर नीचे था। भूकंप के कारण किसी प्रकार का कोई नुकसान होने की कोई सूचना नहीं है। बुधवार सुबह 2:21 और 2:33 बजे पर भी भूकंप के दो हलके झटके आए थे। दोनों भूकंपों में तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.5 और 2.2 थी।
सुबह व शाम को अब सताएगी सर्दी, मौसम रहेगा साफ
शिमला। प्रदेश में 28 नवंबर तक मौसम में किसी प्रकार का बदलाव होने की संभावना कम नजर आ रही है। मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल का कहना है कि आने वाले दिनों में हवाओं की गति बढऩे से सुबह और शाम को सर्दी अधिक महसूस होगी। केलंग में -3.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा और ऊना में 26.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। प्रदेश के कुछ हिस्सों में सुबह हलके बादल छाए रहे लेकिन दोपहर होते-होते तापमान सामान्य होता चला गया। चौबीस घंटों के तापमान पर नजर डाली जाए तो न्यूनतम तापमान में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं हुआ, जबकि अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि रही।
