नाहन, जागरण संवाददाता। जिला सिरमौर में लगातार हो रही बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। बारिश के चलते मटर की नकदी फसल खराब होनी शुरू हो गई है। ऐसे में महंगे दामों पर बीज खरीद कर लगाने वाले किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। क्षेत्र में 40 फीसदी मटर की सडऩ रोग की चपेट में आ चुकी है। यदि बारिश जारी रहती है, तो नुकसान और बढ़ सकता है। बारिश से मटर के पौधे का पहले तना काला पड़ रहा है। इसके बाद पत्ते पीले हो रहे हैं। क्षेत्र के नौहराधार, हरिपुरधार, संगड़ाह, लानाचेता, पुन्नरधार, घंडुरी, देवामानल, राजगढ़, पझौता, छोगटाली, गत्ताधार, रोहनाट, कोटापाब आदि क्षेत्रो में करीब दो हजार हेक्टेयर पर किसानों ने मटर की बिजाई की है।

कृषि विभाग संगड़ाह ने किसानों को 60 क्विंटल मटर का बीज 80 रुपये प्रति किलोग्राम सब्सिडी पर वितरित किया है। इसके अलावा किसानों ने बाजार से भी बीज खरीद कर मटर की बुआई की है, लेकिन लगातार हो रही बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। किसान मोहन लाल, अशोक कुमार, जितेंद्र, संजय, कमल राज, आत्मा राम, बृजमोहन, रामलाल, सुनील, राजेश पुंडीर ने बताया कि पहले लहसुन की फसल के वाजिम दाम नहीं मिले। अब मटर की 40 फीसदी फसल खराब हो गई है। उक्त किसानों ने कृषि विभाग और सरकार से मुआवजा देने की मांग की है। कृषि प्रसार अधिकारी संगड़ाह प्रदीप कुमार ने बताया कि लगातार बारिश मटर की फसल के लिए नुकसान दायक है। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि वे वेबिस्टिन, डायथिन और स्टेपटो सिसिलीन का छिड़काव करें। उन्होंने कहा कि इसके लिए दो से चार घंटे तक मौसम साफ रहना चाहिए।

Edited By: Richa Rana