जागरण ब्यूरो, शिमला : हिमाचल प्रदेश में अमेरिका के फाल आर्मी वर्म ने 13384 हेक्टेयर मक्की की फसल को चपेट में लिया है। प्रदेश के नौ जिले में इसने असर दिखाया है, लेकिन ऊना, कांगड़ा, सिरमौर व सोलन सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। प्रदेश में 2.90 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मक्की की बीजाई की गई है। यह कीट लाखों की तादाद में फसल पर हमला करता है और उसे बर्बाद कर देता है। प्रदेश में पहला मौका है जब इस कीट का प्रकोप इतना अधिक हुआ है।

कीट के संबंध में कृषि विभाग ने एडवाइजरी जारी कर इसके नियंत्रण के लिए दवा उपलब्ध करवा दी है। विशेषज्ञों के अनुसार देश के मैदानी क्षेत्रों से यह कीट प्रदेश में पहुंचा है। गर्मी अधिक होने पर ज्यादा सक्रिय होता है और बारिश के साथ इसका प्रकोप कम होता है।

प्रभावित क्षेत्र

जिला,क्षेत्र हेक्टेयर में

ऊना,3850

कांगड़ा,3737

सिरमौर,2658

सोलन,1794

शिमला,800

बिलासपुर,195

मंडी,190

हमीरपुर,147

चंबा,13

क्या है फाल आर्मी वर्म

फाल आर्मी वर्म अमेरिका कीट है और मक्की की फसल का दुश्मन है। मादा कीट एक बार में करीब पांच हजार अंडे देती है। एक माह बाद पंख निकलते हैं। कीट पौधों के किनारे व अंदर छिपकर पत्तियों को खाकर जड़ से खत्म कर देता है। एक साथ लाखों कीट पौधों को चपेट में ले लेते हैं। इसका लार्वा तेजी से पनपता है। इससे पत्तियों पर सफेद धारियां दिखाई देती हैं।

दवा का करें छिड़काव

-थायोडिकार्ब 75 डब्ल्यूपी,60 मिलीलीटर प्रति दस लीटर

-रयानोडाइन रिसेप्टर480 एससी,9 मिलीमीटर प्रति दस लीटर

-क्लारोपारीफास 20 ईसी,60 मिलीलीटर प्रति दस लीटर

-इमामेक्टिन बेंजोए 5 एसजी,12 ग्राम प्रति दस लीटर

-स्पिनोसैड 45 एससी,9 मिलीलीटर प्रति दस लीटर

नोट : फसल को 500 लीटर का स्प्रे प्रति हेक्टेयर के हिसाब से

मक्की की फसल में फाल आर्मी वर्म के साथ लगाएं

नीम के बीज का अर्क भी कारगर

प्राकृतिक खेती से उगने वाली मक्की पर फाल आर्मी वर्म का प्रकोप होने पर नीम के बीज की गीरी का अर्क कारगर होता है। 12.50 बीघा के लिए दस किलोग्राम गिरी की आवश्यकता होती है। बीज को पीस लें और पाउडर को 50 लीटर पानी में रातभर भिगो कर रख लें। सूती कपड़े से छानने के बाद 200 मिली लीटर साबुन का घोल डालें। पानी डालकर दो सौ लीटर तक मात्रा बनाएं और स्प्रे करें।

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कई जगह फाल आर्मी वर्म का प्रकोप मक्की की फसल देखा गया है। किसानों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं और इस पर नजर रखी जा रही है।

-आरके प्रूथी, निदेशक कृषि विभाग।

Edited By: Neeraj Kumar Azad