शिमला-मटौर फोरलेन: घट्टा टोल प्लाजा के खिलाफ एकजुट हुई 12 पंचायतें, 6 नवंबर से आरपार की लड़ाई पर बनाई रणनीति
शिमला-मटौर फोरलेन के घट्टा टोल प्लाजा पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की कथित मनमानी के खिलाफ चंगर क्षेत्र की 12 से अधिक पंचायतें एकजुट हो गई हैं।

घट्टा टोल प्लाजा के विरोध में एकजुट हुए 12 पंचायतों के प्रतिनिधि। जागरण
HighLights
घट्टा टोल प्लाजा के खिलाफ 12 पंचायतें एकजुट हुईं।
अधूरे फोरलेन पर पूरे टोल का हो रहा विरोध।
6 नवंबर को टोल प्लाजा पर बड़ा प्रदर्शन होगा।
संवाद सहयोगी, कांगड़ा। शिमला-मटौर फोरलेन के घट्टा टोल प्लाजा पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की कथित मनमानी के खिलाफ चंगर क्षेत्र की करीब 12 अधिक पंचायतें एकजुट हो गई हैं। पंचायत प्रतिनिधियों ने अब इस मामले में आर-पार की लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है। इसके तहत छह नवंबर को घट्टा टोल प्लाजा के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए तकीपुर में स्थानीय पंचायतों के प्रधानों, उपप्रधानों, पंचायत समिति सदस्यों और जिला परिषद सदस्यों की बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता जिला परिषद सदस्य विनोद बराड़ ने की।
क्षेत्र के लोग टोल का विरोध कर रहे हैं। साथ ही अधूरे फोरलेन का पूरा टोल लेने का भी विरोध किया जा रहा है।
अधिकारियों से समस्या उठाई पर समाधान नहीं हुआ
पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि इस मामले को कई बार संबंधित अधिकारियों और प्रशासन के समक्ष उठाया गया, लेकिन अभी तक समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। ऐसे में क्षेत्र की जनता के हितों की रक्षा के लिए सभी पंचायतों ने एकजुट होकर संघर्ष करने का फैसला लिया है।
बड़ा प्रदर्शन करने का निर्णय
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि छह नवंबर को घट्टा टोल प्लाजा के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि अब क्षेत्र की जनता के अधिकारों और हितों के लिए मिलकर आवाज बुलंद की जाएगी। पंचायत प्रतिनिधियों ने चंगर क्षेत्र की जनता से आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
उन्होंने कहा कि यह किसी एक पंचायत का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की जनता से जुड़ा मामला है। इसलिए सभी लोगों को एकजुट होकर इस संघर्ष को सफल बनाना होगा।
12 पंचायतों के प्रतिनिधि जुटे
बैठक में जिला परिषद सदस्य के अलावा ग्राम पंचायत रानीताल, रजियाणा, तकीपुर, धमेड़, दौलतपुर, जनयानकड़, जलाड़ी, बलोल, डाका-पलेरा, गाहलियां, ठाकुरद्वारा और बोहड़क्वालू के पंचायत प्रतिनिधियों सहित पंचायत समिति सदस्यों ने भाग लिया।