जागरण संवाददाता, हमीरपुर : जिला मुख्यालय से कुछ दूरी पर एक निजी अस्पताल में महिला की मौत होने से पुलिस ने प्रबंधन व डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। 38 वर्षीय अध्यापिका अमिता कुमारी पत्नी अरुण शर्मा निवासी ब्राहलड़ी को रसौली का ऑपरेशन करवाने के लिए बुधवार को निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था। ऑपरेशन के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा रेफर कर दिया। अरुण शर्मा ने कहा उसकी पत्नी की मौत निजी अस्पताल में ही हो गई थी लेकिन फिर भी डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया।

शुक्रवार सुबह परिजन ब्राहलड़ी से शव लेकर पक्काभरो पहुंचे और तीन घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम किया। एडीसी हमीरपुर रतन गौतम व एएसपी विजय सकलानी ने मौके पर पहुंचकर मृतका के परिजनों को सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाकर जाम खुलवाया। एएसपी ने बताया मृतका के पति की शिकायत पर सदर थाना हमीरपुर में अस्पताल प्रबंधन व डॉक्टरों के खिलाफ धारा 304 ए, 336 के तहत मामला दर्ज किया गया है। परिजनों पर पिस्तौल तानने पर थाना प्रभारी संजीव गौतम के खिलाफ भी जांच बिठा दी है।

चक्काजाम की सूचना मिलने पर सीएम ने बदल दिया रास्ता

मृतका के परिजन शव लेकर पक्काभरो जा रहे थे ताकि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के समक्ष मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग उठा सकें। मुख्यमंत्री ने शिमला से हमीरपुर वाया नादौन धर्मशाला जाना था। प्रशासन की ओर से पक्काभरोह में चक्काजाम की सूचना मिलने पर वह वाया सुजानपुर धर्मशाला रवाना हो गए।

थाना प्रभारी ने मृतका के परिजनों पर तान दी पिस्तौल

ब्राहलड़ी में सदर पुलिस थाना प्रभारी संजीव गौतम व उनकी टीम ने परिजनों को शव सहित वहां रोकने का प्रयास किया। इस दौरान परिजनों व थाना प्रभारी के बीच नोकझोंक हुई। थाना प्रभारी ने परिजनों को रोकने के लिए उन पर पिस्तौल तान दी।

पुलिस ने कब्जे में लिया अस्पताल का रिकॉर्ड

पुलिस ने देर सायं अस्पताल का पूरा रिकॉर्ड कब्जे में ले लिया है। मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा का रिकॉर्ड कब्जे में लेने के लिए पुलिस टीम रवाना हो गई है। इसकी पुष्टि डीएसपी हमीरपुर हितेश लखनपाल ने की है।

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मुख्यमंत्री जन समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं : सुक्खू

जागरण संवाददाता, हमीरपुर : विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आरोप लगाया मुख्यमंत्री जन समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं हैं। महिला की उपचार के दौरान मौत होने के बाद परिजन शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन कर रहे थे ताकि मुख्यमंत्री जब यहां से गुजरेंगे तो उनसे आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर सकें। लेकिन मुख्यमंत्री ने रास्ता ही बदल दिया। उन्होंने साबित कर दिया है उनके लिए चुनाव जरूरी है न कि लोगों की समस्या का समाधान करना।

Posted By: Jagran

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