जागरण संवाददाता, हमीरपुर : कोरोना संक्रमण के मामलों में वृद्धि को देखते हुए जिलाधीश देबाश्वेता बानिक ने आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत विशेष आदेश जारी किए हैं। यह आदेश 22 अप्रैल से लागू कर दिए जाएंगे। आदेशों के अनुसार, आवश्यक वस्तुओं वाली दुकानों को छोड़कर अन्य सुबह छह से सायं छह बजे तक ही खोली जा सकेंगी। होटल, रेस्तरां और ढाबे रात दस बजे तक खुले रखे जा सकते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) व अन्य महत्वपूर्ण मार्गों पर वाहन चालकों व सवारियों को खाना मुहैया करवाने वाले ढाबों के लिए इस आदेश में छूट रखी गई है। होटल, रेस्तरां और ढाबों में बैठकर खाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। केवल पैक किए हुए खाने की ही अनुमति होगी। एनएच व अन्य महत्वपूर्ण मार्गों के ढाबों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा, लेकिन इन मार्गों के किनारे रेहड़ी व अन्य स्टॉलों के आसपास बैठकर खाने पर पाबंदी रहेगी।

जिलाधीश ने कहा कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी सभी होटल, रेस्तरां, ढाबों, सैलून और हेयर कटिग की दुकानों में काम करने वाले लोगों के हर सप्ताह कोरोना टेस्ट सुनिश्चित करेंगे। अन्य राज्यों विशेषकर कोरोना प्रभावित शहरों से आने वाले लोगों को संबंधित पंचायतों के पदाधिकारियों या स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों अथवा संबंधित एसडीएम को सूचित करना होगा। सीएमओ (मुख्य चिकित्सा अधिकारी) बाहर से आने वाले इन लोगों की सैंपलिग सुनिश्चित करेंगे। प्रतिदिन होने वाली सैंपलिग में इन लोगों की कम से कम 25 प्रतिशत संख्या होनी चाहिए। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) को प्रदेश से बाहर जाने वाले सार्वजनिक परिवहन वाहनों की सूची और उनके परमिट की अवधि की रिपोर्ट रोजाना प्रेषित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला के सभी छह विकास खंडों के बीडीओ को अपने-अपने क्षेत्रों के पंचायत प्रधानों से साप्ताहिक रिपोर्ट लेने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए एक फारमेट जारी किया गया है। सभी पंचायत प्रधान हर सोमवार को बीडीओ को इस फारमेट पर रिपोर्ट प्रेषित करेंगे। जिलाधीश ने सभी संबंधित अधिकारियों को इन आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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