संवाद सहयोगी, जाहू : भले ही हिमाचल में कोर्फबॉल खेल का धरातल पर संरचनात्मक खेल ढांचा सुदृढ़ न हो लेकिन खिलाड़ियों की प्रतिभा के कारण हिमाचल की टीम भारतवर्ष के राज्यों में नंबर वन बन गई है। इससे हिमाचल के खिलाड़ियों के साथ मैच खेलने के लिए अन्य राज्य के खिलाड़ी लोहा मानते हैं।

2018 से 2021 तक ही राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिमाचल के कोर्फबॉल खिलाड़ियों ने जीत का सिलसिला जारी रखा है। 1989 से हिमाचल में कोर्फबॉल खेल शुरू किया गया है। उस समय बहुत कम लोग कोर्फबॉल खेल को जानते थे लेकिन अब कोर्फबॉल खेल खिलाड़ियों की उपलब्धियों से हर खेल संघों की जुबान पर आ गया है। 2018 में हरियाणा के कुरुक्षेत्र में हुई राष्ट्रीय कोर्फबॉल प्रतियोगिता में सब जूनियर में कांस्य, जूनियर में रजत व सीनियर वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। इसी तरह 2019 में नागपुर में हुई राष्ट्रीय कोर्फबॉल प्रतियोगिता में सब जूनियर में रजत, जूनियर में स्वर्ण व सीनियर में कांस्य पदक जीता है। इस वर्ष 27 मार्च से तीन अप्रैल तक हरियाणा के पलवल में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिमाचल ने सब जूनियर में रजत, जूनियर में स्वर्ण व सीनियर में कांस्य पदक जीता है।

प्रदेश कोर्फबॉल संघ के महासचिव बीआर सुमन का कहना है कि हिमाचल देश की नंबर वन टीम बन गई है जबकि हरियाणा द्वितीय व महाराष्ट्र तीसरी टीम बनी है।

कोर्फबॉल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हिमांशु मिश्रा का कहना है कि हिमाचल प्रदेश कोर्फबॉल खेल में सबसे अच्छा कार्य कर रहा है। पहली बार सभी राज्यों को छह बॉल दिए गए हैं।

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