नवरात्र पर घर आई बेटी तो रथ पर किया आगमन, देवी की तरह भव्य स्वागत; हिमाचल के हमीरपुर का मामला
हमीरपुर में नवरात्र के दौरान एक परिवार ने अपनी नन्हीं नातिन श्रजीनिका का देवी की तरह भव्य स्वागत किया। सजे ...और पढ़ें

हमीरपुर में नवरात्र में पहली बार घर आई नन्हीं नातिन का नाना-नानी ने रथ पर स्वागत किया।
HighLights
हमीरपुर में नन्हीं नातिन श्रजीनिका का भव्य स्वागत।
नवरात्र में रथ और बैंड-बाजे से आगमन।
बेटियों के सम्मान का दिया गया खूबसूरत संदेश।
रणबीर ठाकुर, हमीरपुर। शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना के बीच हमीरपुर में एक परिवार ने बेटी के सम्मान की ऐसी मिसाल पेश की कि हर कोई देखता रह गया। नाना-नानी के घर पहली बार पहुंची नन्हीं नातिन श्रजीनिका का स्वागत किसी देवी की तरह किया गया। सजा हुआ रथ, बैंड-बाजे की गूंज और खुशी में झूमते रिश्तेदार… नन्हीं परी के आगमन पर पूरा परिवार उत्सव में डूब गया।
यह सिर्फ नातिन के स्वागत का जश्न नहीं था, बल्कि बेटियों को देवी स्वरूप मानने और उनके जन्म को खुशियों से जोड़ने का खूबसूरत संदेश भी था।
नवरात्र पर ननिहाल पहुंची बिटिया
नवरात्र के पहले दिन रविवार को हमीरपुर के वार्ड-10 बाईपास में शेर सिंह के घर उत्सव सा माहौल दिखा। नाना-नानी बैंड-बाजे की गूंज के बीच रथ पर सवार करा साक्षात देवी रूप मानकर श्रजीनिका को घर लेकर आए।
नाना-नानी ने किया भव्य स्वागत
नाना शेर सिंह सेवानिवृत कानूनगो हैं, जबकि नानी अनिता कुमारी स्वास्थ्य विभाग में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत हैं। बच्ची का जन्म 15 सितंबर को हुआ था और पहली बार अपने ननिहाल आई है।
बच्ची के पिता बजूरी निवासी अंकुश कटोच एनएचपीसी में एक्सईएन के पद पर कार्यरत हैं और माता सुचेता गृहिणी हैं। अंकुश व सुचेता का बड़ा बेटा शिवांश कटोच तीन साल का है।
घर से कुछ दूरी पर था रथ
नाना-नानी ने नातिन श्रजीनिका के आगमन पर घर से कुछ दूरी पर स्वागत के लिए रथ तैयार किया था। साथ ही बैंडबाजे वाले भी बुलाए गए थे। जैसे ही बेटी व दामाद नन्ही परी को लेकर आए तो बैंडबाजों की धुन पर स्वजन नाचने लगे। सभी रिश्तेदारों ने नाचते-गाते हुए रथयात्रा में भाग लिया और खुशी के पल को साझा किया।
बड़ी बेटी की बच्ची का भी किया था स्वागत
शेर सिंह ने बताया कि तीन वर्ष पहले उनकी बड़ी बेटी प्रियंका की बच्ची का स्वागत भी उन्होंने इसी तरह रथ में बिठाकर व बैंड बाजों के साथ किया था। उन्होंने कहा कि बेटियों के घर में आने से खुशियां और बढ़ जाती है और आज के समय में बेटियां भी बेटों से काम नहीं है। इसलिए जब भी परिवार में किसी के यहां बेटी संतान आती है तो इसी तरह खुशी मनाई जाती है।
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