विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पहले नवरात्र पर दियोटसिद्ध में उमड़ा आस्था का सैलाब, SDM स्वाति डोगरा ने निभाई सदियों पुरानी परंपरा

Published: Sun, 11 Oct 2026 01:23 PM (IST)

पहले नवरात्र पर दियोटसिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर में करीब 10 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। एसडीएम स्वाति डोगरा ने ...और पढ़ें

विश्वविख्यात सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में पहले दिन आए 10 हजार श्रद्धालू।

विश्वविख्यात सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में पहले दिन आए 10 हजार श्रद्धालू।

HighLights

  1. पहले नवरात्र पर 10 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

  2. एसडीएम स्वाति डोगरा ने कलश यात्रा का नेतृत्व किया

  3. 11 से 15 अक्तूबर तक विशाल पाठ और हवन

संवाद सहयोगी, हमीरपुर। विश्वविख्यात सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में पहले नवरात्र पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। रविवार को करीब 10 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया।

सुबह से ही मंदिर में दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। दिनभर भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। श्रद्धालुओं ने कतारों में लगकर बाबा बालक नाथ के दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।

परंपरा के अनुसार लाया गया कलश

पहले नवरात्र पर मंदिर में धार्मिक परंपरा के अनुसार शिवबाड़ी से कलश लाया गया। बाबा बालक नाथ मंदिर से करीब आठ किलोमीटर दूर स्थित शिवबाड़ी से कलश लेकर एसडीएम स्वाति डोगरा और मंदिर अधिकारी राजेश कुमार बाबा के दरबार पहुंचे।

Untitled design (3)

हर वर्ष नवरात्र के दौरान निभाई जाने वाली इस परंपरा के तहत कलश को विधि-विधान के साथ मंदिर में लाया जाता है। इसके बाद मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत होती है।मंदिर में 11 से 15 अक्तूबर तक विशाल पाठ और हवन का आयोजन किया जाएगा।

पहले ही दिन उमड़ा भक्तों का सैलाब

पांच दिनों तक चलने वाले इन धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालु भाग लेकर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए मंदिर परिसर में दिनभर धार्मिक माहौल बना रहा।

Untitled design (2)

10 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

एसडीएम स्वाति डोगरा और मंदिर अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि पहले नवरात्र पर करीब 10 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा बालक नाथ के दर्शन किए। शिवबाड़ी से कलश लाने की परंपरा का निर्वहन किया गया है।

मंदिर में 11 से 15 अक्तूबर तक विशाल पाठ और हवन आयोजित होगा। श्रद्धालुओं को दर्शन करने में किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

यह भी पढ़ें- हिमाचल प्रदेश में SMC और कंप्यूटर शिक्षकों के लिए भर्ती का रास्ता खुला, 4800 पदों पर होगी नियुक्ति