विजय गौतम, सुजानपुर

सुजानपुर में लाखों रुपये खर्च कर बनाई गोशाला शहर के कचरे को डंप करने का कार्य कर रही है। इस कारण आश्रय होने के बावजूद बेसहारा पशु शहर में घूम रहे हैं।

नगर परिषद सुजानपुर ने 2017-18 में करीब छह लाख से खड़ौला खड्ड किनारे गोशाला का निर्माण किया था। इसमें करीब 50 गोवंश को आश्रय देने की व्यवस्था की गई थी। लेकिन वर्तमान में गोशाला में गोवंश की जगह शहरभर के प्लास्टिक कचरे को स्टोर किया जा रहा है। यहां नगर परिषद के कर्मचारी प्लास्टिक कचरे की छंटनी कर इसे बोरियों में भरकर जमा करते हैं। गोशाला का भवन प्लास्टिक कचरे से लबालब भरा हुआ है। वहीं सुजानपुर शहर में बेसहारा घूम रहे पशुओं से दुकानदार, राहगीर व स्थानीय निवासी परेशान हैं।

सुजानपुर शहर के चौगान में बेसहारा पशुओं की भरमार रहती है। उधर नगर परिषद के बल्ला राठियां वार्ड के लोग बेसहारा पशुओं से परेशान हैं क्योंकि पशु खेतों में पहुंच फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। स्थानीय निवासी त्रिलोकचंद, राजकुमार, भूमि सिंह व संसार चंद का कहना है कि बेसहारा पशु खेतों में हर बार फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं लेकिन प्रशासन कोई कदम नहीं उठा रहा है।

गोवंश की रक्षा के लिए प्रदेश सरकार, केंद्र सरकार व न्यायालय ने समय-समय पर प्रत्येक स्तर पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं लेकिन सुजानपुर नगर परिषद के लिए संभवत ऐसे आदेश मायने नहीं रखते।

नगर परिषद के तत्कालीन अध्यक्ष अमन भटनागर जिनके कार्यकाल में इस गोशाला का निर्माण किया गया था उनका इस बाबत कहना है कि गोशाला भवन व परिसर उनके कार्यकाल में तैयार हो चुका था। उनका कार्यकाल पूरा होने के उपरांत इसे उपयोग में लाया जा सकता था। वहीं इस संबंध में नगर परिषद के ईओ संजय कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गई परंतु उनसे बात नहीं हो पाई।

Edited By: Jagran