जागरण संवाददाता, हमीरपुर : राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक बाल पाठशाला हमीरपुर में तीन दिवसीय जिलास्तरीय बाल विज्ञान सम्मेलन आरंभ हुआ। इसमें 110 स्कूलों के 500 बच्चे भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम में मंडी समिति के अध्यक्ष प्रेम कौशल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने कहा कि वर्तमान युग में विज्ञान का काफी महत्व है। आगे बढ़ने के लिए विज्ञान की नई तकनीकों को अपनाना होगा। प्रदेश सरकार बच्चों के विज्ञान की पढ़ाई एवं विज्ञान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव मदद कर रही है। उन्होंने विज्ञान शिक्षकों को हमीरपुर के विद्यार्थियों द्वारा विज्ञान प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी। जिला विज्ञान पर्यवेक्षक अश्विनी चम्बयाल ने कहा कि आज भी विद्यार्थी विज्ञान विषय को कठिन मानते हैं। ऐसे में शिक्षकों को चाहिए कि वे विज्ञान को दैनिक जीवन से जोड़कर पढ़ाएं, जिससे विज्ञान सरल व रोचक बनेगा। वर्तमान युग की सबसे बड़ी चुनौती स्वच्छ जल, वायु की है। पर्यावरण लगातार दूषित हो रहा है। बाल विज्ञान सम्मेलन बच्चों में नई सोच एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करते हैं। विद्यार्थियों को स्कूल स्तर पर ही गंभीर चुनौतियों पर अपने प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए प्रेरित करना होगा, ताकि विद्यार्थी रिसर्च साइंस को अपनाकर आने वाली चुनौतियों का हल निकाल सकें। हिमाचल प्रदेश सरकार, शिक्षा विभाग, विज्ञान प्रोद्यौगिकी परिषद तथा एमएचआरडीए लगातार विज्ञान के प्रचार एवं प्रसार के लिए कार्य कर रही है। विद्यार्थियों को अच्छे प्रोजेक्ट बनाने के लिए दस हजार रुपये तथा बेसिक साइंस की पढ़ाई के लिए 70-80 हजार रुपये स्कॉलरशिप प्रदान कर रही है। इस मौके पर स्थानीय स्कूल के प्रधानाचार्य मती अंजु ठाकुर, आरसी शर्मा, सुशील चौहान, सोनी शर्मा, दिपेश शर्मा, अजय शर्मा, अश्विनी शर्मा, संजीव ठाकुर व अन्य उपस्थित रहे।

Posted By: Jagran

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